सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर अमृत सिंह डैरेन के खिलाफ केरल के फोर्ट कोच्चि थाने में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. डैरेन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर सांप्रदायिक नफरत फैलाने, भ्रामक दावे करने और सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की. इस मामले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए साफ चेतावनी दी है कि राज्य में नफरत फैलाने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए शमा मोहम्मद ने कहा, “मैं एक बात बिल्कुल साफ कर देना चाहती हूं कि केरल पूरी तरह सुरक्षित और धर्मनिरपेक्ष राज्य है. हमारे नेताओं ने भी दोहराया है कि कोई भी उपद्रवी या असामाजिक तत्व आकर यहां के माहौल को बिगाड़ नहीं सकता.”
वीडियो में क्या थे दावे?
अमृत सिंह डैरेन ने फोर्ट कोच्चि के मशहूर ‘काशी आर्ट कैफे’ का दौरा किया और इसका एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया. वीडियो में उन्होंने दावा किया कि हिंदुओं के पवित्र शहर ‘काशी’ के नाम पर बने इस कैफे में बीफ परोसा जाता है. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कैफे की आर्ट गैलरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की प्रतिमा/तस्वीर लगाई गई है. डैरेन ने इलाके की जनसांख्यिकी को लेकर भी कई टिप्पणियां कीं और दावा किया कि क्षेत्र में एक विशेष समुदाय का प्रभाव बढ़ रहा है.
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने स्पष्ट की स्थिति
विवादित वीडियो में ‘काशी’ कैफे को लेकर दिए गए बयानों पर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया, “‘काशी’ एक जापानी शब्द है. इस आर्ट कैफे को करीब 30 साल पहले एक मलयाली और उनकी अमेरिकी पत्नी ने मिलकर शुरू किया था. यह विशुद्ध रूप से एक कलात्मक और सांस्कृतिक केंद्र है. लेकिन एक व्यक्ति आता है और इसे लेकर अनर्गल बातें गढ़ता है.”
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने राज्य के सामाजिक ताने-बाने का हवाला देते हुए कहा कि केरल में 4,000 से अधिक शाखाएं होने के बावजूद यहां की धर्मनिरपेक्षता कभी प्रभावित नहीं हुई. राज्य में हर समुदाय और धर्म के लोग बिना किसी मनमुटाव के शांति से रहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी मंदिर-मस्जिद के नाम पर तनाव पैदा करने की कोशिशें की गईं, लेकिन केरल की जनता ने कभी दंगे नहीं होने दिए.