Iran Responds Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम से ईरान घबराया नहीं है, बल्कि उलटे अमेरिका-इजरायल को धमकी दे दी है। ईरान ने सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि ईरान के फ्यूल और एनर्जी प्लांट पर किसी भी हमले के जवाब में पूरे गल्फ में अमेरिकी और सहयोगी देशों की संपत्तियों पर हमलों से किया जाएगा। ईरान गल्फ देशों में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के एनर्जी प्लांट, IT नेटवर्क और डिसेलिनेशन सुविधाओं पर मिसाइलें दागेगा।
ईरान का युद्धविराम स्वीकार करने से इनकार
बता दें कि ईरान ने युद्धविराम स्वीकार करने से भी इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने जापान की न्यूज एजेंसी Kyodo को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान किसी भी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा। ईरान पिछले साल के जैसी स्थिति को दोहराना नहीं चाहता। ईरान युद्ध का पूर्ण, व्यापक और स्थायी अंत चाहता है। एकमात्र स्वीकार्य समाधान युद्ध का पूर्ण अंत है। नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए और फिर हमला न होने की गारंटी चाहिए।
28 फरवरी 2026 से मिडिल ईस्ट में जंग जारी
बता दें कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु समझौता करने के लिए 3 मौके दिए, लेकिन तीनों बार मीटिंग असफल रही तो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया। इजरायल-अमेरिका ने ईरान की सेना के ठिकानों पर हमले किए। IRGC के कैंपों और मिसाइल ठिकानों पर हमले किए। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को ढेर कर दिया। ईरान के ऑयल ठिकाने पर हमला करके उत्पादन क्षमता को प्रभावित करके गहरी चोट पहुंचाई।
ईरान के 10 से ज्यादा अरब देशों पर हमले
जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने इजरायल पर मिसाइल-ड्रोन अटैक किए। सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन समेत 10 से ज्यादा अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अमेरिका से जुड़े सभी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। अमेरिका के 22000 करोड़ के डिफेंस सिस्टम को तबाह किया। वहीं होर्मुज स्ट्रेट का अमेरिका और इजरायल के लिए ब्लॉक करके तेल-गैस का संकट खड़ा किया। ऐसे में अब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी जारी है।










