Iran Air Strikes Israel: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग भीषण रूप लेती जा रही है। बीते दिन इजरायल-अमेरिका ने ईरान के नतांज परमाणु ठिकाने पर हमला किया। इससे ईरान बौखला गया और बीती रात इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। ईरान के इजरायल के डिमोना और अराद परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। दोनों इलाकों में हुए हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि न्यूक्लियर रेडिएशन नहीं हुआ है, लेकिन लोगों की जान को खतरा पैदा हुआ है।
Israel Foreign Ministry Statement:
“Iranian regime devastated Arad and Dimona by deliberately striking civilians with missiles. Over 100 people were injured, including children. A blatant war crime. Pure terrorism.” pic.twitter.com/tAqZVYk1rp---विज्ञापन---— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 21, 2026
ईरान ने सऊदी और इजरायल पर हमले बढ़ा दिए
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने लक्ष्य पूरे करने वाला है और युद्ध खत्म होने वाला है, लेकिन सच्चाई कुछ और नजर आ रही है। ईरान ने इजरायल और सऊदी अरब पर हमले बढ़ा दिए हैं। हिंद महासागर में अमेरिका-ब्रिटेन मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के नतांज (Natanz) परमाणु केंद्र पर हमला किया तो ईरान ने बदला लेते हुए इजरायल के 2 परमाणु ठिकानों डिमोना और अराद में मिसाइल अटैक कर दिया।
PM मोदी से हमले रुकवाने में सहयोग की अपील
ईरान के हमलों से तंग आकर सऊदी अरब ने ईरान के राजनयिक और उनकी टीम के 2 सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। ईरान के राष्ट्रपति पजेशकियान ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की। उन्होंने ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता का हवाला देते हुए भारत से अपील की कि वह अमेरिका-इजरायल के हमलों को रुकवाने में मदद करें। ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने मिलिट्री बेस ईरान पर हमले के लिए दे दिए और अब अरब सागर में अपनी परमाणु पनडुब्बी भेज दी है।
अमेरिकी सेना ने IRGC के ठिकानों पर हमले किए
अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खूजेस्तान प्रांत में IRGC के मिसाइल ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। खूजेस्तान प्रांत ईरान का प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है। साथ ही IRGC के रणनीतिक मिसाइल अड्डों का केंद्र भी है। पेंटागन के अनुसार, हमलों में 12 से अधिक अंडरग्राउंड मिसाइल साइलो और लॉन्च पैड नष्ट हो गए। इनमें फतेह-110 और शाहब-3 जैसी बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात थीं, जो गल्फ देशों को निशाने पर लेने के लिए पॉजिशन की गई थीं। हमले करने के लिए F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था।










