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महिलाओं की इज्जत होगी, पाबंदिया हटेंगी; कौन हैं Masoud Pezeshkian, जिन्होंने वादा किया, बनेंगे ईरान के राष्ट्रपति?

Iran New President Profile: ईरान को नए राष्ट्रपति मिल गए हैं। उदारवादी नेता मसूद पेजेशकियान ने चुनाव जीता है और बड़े वादे भी किए हैं। आइए नए राष्ट्रपति के बारे में जानते हैं और देखते हैं कि ईरान के लिए उनक प्राथमिकताएं क्या हैं और उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?

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Iran New President Masoud Pezeshkian Profile: ईरान को आज नए और 14वें राष्ट्रपति मिल गए। उदारवादी नेता मसूद पेजेशकियान ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। मई 2024 में हेलिकॉप्टर क्रैश में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी मारे गए थे। इसलिए ईरान में राष्ट्रपति चुनाव कराने पड़े। बीते दिन मतदान हुआ और आज मतगणना के बाद बड़ा उलटफेर हो गया।

मसूद पेजेशकियान ने कट्टरवादी नेता सईद जलीली को 25 लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया। न्यूज एजेंसी AP के अनुसार, पेजेशकियान को 1.63 करोड़ वोट मिले। कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को 1.35 करोड़ वोट मिले। दोनों के बीच वोट का अंतर करीब 28 लाख वोट का बताया जा रहा है। 69 साल के पेजेशकियान सुधार करने में विश्वास रखते हैं और दूसरे देशों के साथ ईरान के संबंध सुधारना चाहते हैं।

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कौन हैं पेजेशकियान?

मसूद पेजेशकियान हार्ट सर्जन हैं और देश के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं। साल 2021 में उनका राष्ट्रपति चुनाव नामांकन रद्द हो गया था। वे 5 बार सांसद रहे और एक बार संसद के डिप्टी स्पीकर बने। वे 1997 से 2005 तक पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी की सरकार में डिप्टी हेल्थ मिनिस्टर रहे। 2007 में तबरेज से संसद चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद भी वे यहां से 4 बार सांसद बन चुके हैं। 2013 में उन्होंने अपना राष्ट्रपति चुनाव नामांकन वापस ले लिया था। 2023 में उनका नामांकन यह कहते हुए रिजेक्ट किया गया कि उनमें देश के प्रति प्रतिबद्धता कम है।

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ईरान को लेकर पेजेशिकयान की प्राथमिकताएं

पेजेशकियान राष्ट्रपति बनने के बाद ईरान में लगी पाबंदियां हटवाएंगे। महिलाओं के लिए लागू ड्रेस कोड हटवाएंगे। उनकी इज्जत करने से संबंधित कानून बनवाएंगे। हेडस्कार्फ पहनने को लेकर लागू कानून में ढील बरतेंगे। पेजेशकियान ने देशवासियों से वादा किया है कि वे ईरान के संबंध पश्चिमी देशों के साथ अच्छे बनाने का प्रयास करेंगे। परमाणु हथियारों से जुड़े समझौते करेंगे। देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारेंगे। बता दें कि पेजेशकियान को 2 पूर्व राष्ट्रपतियों हसन रूहानी और मोहम्मद खातमी के साथ-साथ पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ का समर्थन प्राप्त है। पेजेशकियान ईरान में महिलाओं के लिए लागू ड्रेस कोड और महिलाओं के खिलाफ मोरैलिटी पुलिस की कार्रवाई को अनैतिक बताते हैं।

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क्या चुनौतियां झेलनी पड़ेंगी?

राष्ट्रपति बनते ही मसूद पेजेशिकयान के सामने कई चुनौतियां होंगी। जैसे पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सुधारने की चुनौती है। ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, लेकिन कई देश ईरान की इस मंशा को पूरी नहीं होने देना चाहते। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटवाना दूसरी चुनौती होगी। इजरायल-हमास युद्ध भी एक चुनौती हो सकता है, क्योंकि ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग से सभी वाकिफ हैं। पेजेशकियान को हूतियों और हिजबुल्लाह से संबंध सुधारने पर भी काम करना होगा।

First published on: Jul 06, 2024 12:34 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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