मिसाइल, तोप और ड्रोन… किम जोंग उन ने दिखाई दुनिया को ताकत, साउथ कोरिया ने भी किया बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण

उत्तर कोरिया ने मिसाइलों, तोपों और ड्रोन को शामिल करते हुए बड़ा सैन्य अभ्यास किया. इसी दौरान दक्षिण कोरियाई सेना ने वॉनसान क्षेत्र से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की जानकारी दी. इस घटनाक्रम ने कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव को फिर से बढ़ा दिया है.

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उत्तर कोरिया ने मिसाइलों, लंबी दूरी की तोपों और ड्रोन से बड़ा लाइव-फायर अभ्यास किया. (फोटो- ANI

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपने सैन्य हथियारों की ताकत का प्रदर्शन किया है. देश ने मिसाइलों, लंबी दूरी की तोपों और ड्रोन को शामिल करते हुए बड़ा लाइव-फायर अभ्यास किया. यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हुआ है, जब कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बना हुआ है और अमेरिका के साथ उत्तर कोरिया की बातचीत भी आगे नहीं बढ़ पा रही है.

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उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह अभ्यास शनिवार को किया गया था. इसमें सेना की पांच यूनिटों ने हिस्सा लिया. अभ्यास के दौरान हमलावर ड्रोन, सामरिक क्रूज मिसाइल, सामरिक बैलिस्टिक मिसाइल और बड़े कैलिबर वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर समेत कई हथियारों का इस्तेमाल किया गया. उत्तर कोरिया का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग हथियार प्रणालियों को एक साथ संचालित करने और फायरपावर को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने की क्षमता बढ़ाना था.

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दक्षिण कोरिया ने भी किया मिसाइलों का परीक्षण

उत्तर कोरियाई सेना के मार्शल पाक जोंग चोन ने अभ्यास का निरीक्षण किया. सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से सेना की विशेषज्ञता बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर दुश्मन की सैन्य क्षमता को तेजी से नुकसान पहुंचाने में मदद मिलेगी. हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर से किए जाने वाले इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना आसान नहीं है और बाहरी एजेंसियां इनके सभी पहलुओं की पूरी तरह जांच नहीं कर पाती हैं.

250 किमी दूर जाकर गिरीं मिसाइलें

इसी दौरान दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर नजर रखते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों के लॉन्च की जानकारी दी. दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वॉनसान के पास से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. ये मिसाइलें करीब 250 किलोमीटर तक उड़ने के बाद पूर्वी समुद्री क्षेत्र में गिरीं. दक्षिण कोरिया का मानना है कि इस दूरी वाली मिसाइलों का इस्तेमाल उसके क्षेत्र में मौजूद टारगेट को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है.

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करीब तीन सप्ताह के अंतराल के बाद उत्तर कोरिया का यह पहला सार्वजनिक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च था. इससे पहले अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने पांच दिवसीय ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास किया था. उत्तर कोरिया इस तरह के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ उकसावे की कार्रवाई बताता रहा है.

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अमेरिका से रिश्तों में अब भी तनाव

यह सैन्य अभ्यास ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ बेहतर संबंधों का हवाला देते हुए दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास का दायरा कम किया था. अमेरिका की कोशिश थी कि इससे प्योंगयांग के साथ बातचीत का रास्ता फिर खुल सके, लेकिन उत्तर कोरिया ने इस पहल को पर्याप्त नहीं माना.

प्योंगयांग का कहना है कि केवल सैन्य अभ्यासों का आकार घटाने से अमेरिका की नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. दूसरी ओर, रूस और चीन के साथ बढ़ते सहयोग और अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को मजबूत करने के बाद उत्तर कोरिया का रुख पहले से अधिक सख्त दिखाई दे रहा है.

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विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा हालात में किम जोंग उन को अपनी सैन्य और रणनीतिक स्थिति पहले से मजबूत लग रही है. यही वजह है कि वे अमेरिका के साथ बातचीत में खुद को कमजोर पक्ष के तौर पर पेश नहीं करना चाहते. किम कई बार संकेत दे चुके हैं कि अगर अमेरिका उत्तर को लेकर अपनी पुरानी नीति बदले और उसके परमाणु दर्जे को स्वीकार करे, तो प्योंगयांग बातचीत के लिए तैयार हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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