12000 फीट ऊंचाई पर जहाज में भीषण अग्निकांड; 2 इंजन अचानक बंद होने से क्रैश हुआ, 90 लोगों की जली लाशें मिली

Today History in Hindi: आज के दिन भीषण विमान हादसा हुआ था। इंजन अचानक बंद होने से जहाज में आग लग गई और सभी 90 सवारियां मारी गईं। पायलटों ने गलती नहीं की, फिर भी वे इमरजेंसी लैंडिंग नहीं करा पाए, आखिर क्यों आइए जानते हैं पूरा मामला…

Aeroflot Flight 411 Fire Accident History of the Day

रिहायशी इलाके के कारण पायलट इमरजेंसी लैंडिंग नहीं करा पाया।

Aeroflot Flight 411 Crash Memoir: फ्लाइट ने उड़ान भरी ही थी कि 12 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही 2 इंजन बंद हो गए। जहाज की स्पीड कम हो गई और बाकी के 2 इंजन शॉर्ट सर्किट होने से जल गए। इससे जहाज में आग लग गई और वह आसमान में ही आग का गोला बनकर जमीन पर आ गिरा। जहाज के टुकड़े-टुकड़े हो गए। उसमें सवार सभी 90 लोग जिंदा जलकर मर गए। लोगों ने जहाज का मलबा और लोगों की जली हुई लाशें देखी।

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हादसे की जांच में पता चला कि जहाज अपने फ्लैप को टेकऑफ के लिए सेट नहीं कर पाया और 2 इंजन के साथ फ्लाई करने में सक्षम नहीं था। जहाज का वजन 164,514 किलोग्राम (362,691 पाउंड) था, जिसे 2 इंजन सह नहीं पाए और दबाव पड़ने से उनमें शॉर्ट सर्किट हो गया। पायलटों ने कोई गलती नहीं की। वे रात का घना अंधेरा और नीचे रिहायशी इलाका होने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग नहीं कर सके। पायलटों ने फ्लाइट के मैनुअल का बखूबी पालन किया।

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वापस एयरपोर्ट पर लौटते समय क्रैश हुई फ्लाइट

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हादसा आज से 42 साल पहले 6 जुलाई 1982 को हुआ था। एयरोफ्लोत फ्लाइट 411 ने 4 इंजन वाले इल्युशिन आईएल-62 में उड़ान भरी थी। मॉस्को के शेरेमेत्येवो एयरपोर्ट से टेकऑफ हुई फ्लाइट का स्टॉपेज सेनेगल एयरपोर्ट पर था और फ्लाइट सिएरा लियोन के फ्रीटाउन एयरपोर्ट पर लैंड होनी थी। यह एक इंटनेशनल फ्लाइट थी, लेकिन टेकऑफ होते ही आसमान में फ्लाइट क्रैश हो गई।

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आईएल-62 मॉडल के इस जहाज में 4 जेट इंजन थे, जिनमें से पीछे के ओर दोनों पंखों पर लगे थे। फ्लाइट में 80 पैसेंजर और 10 क्रू मेंबर्स थे। टेकऑफ होते ही इंजन नंबर-1 इंजन में आग लगने की चेतावनी जारी की गई तो पायलटों ने इंजन बंद कर दिया और इंजन के अग्निशामक यंत्रों को खाली कर दिया। इसके बाद इंजन नंबर-2 में आग लग गई तो पायलटों ने दूसरा इंजन भी बंद कर दिया। 2 इंजन बंद होने पर पायलटों ने जहाज को वापस शेरेमेतयेवो एयरपोर्ट पर लौटने के लिए मोड़ दिया।

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एक पैसेंजर आग से बचा, लेकिन सिर में चोट से जान गई

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2 इंजन बंद होने के बाद जहाज 160 मीटर (520 फीट) की ऊंचाई और 320 किमी/घंटा (170 नॉट; 200 मील प्रति घंटे) की स्पीड से फ्लाई कर रहा था, क्योंकि इंजन बंद होने से जहाज बहुत तेजी से इतनी ऊंचाई पर आ गया था। पायलटों ने जहाजा को हवा में रखने के काफी प्रयास किए, लेकिन जहाज ने धीरे-धीरे ऊंचाई और स्पीड खो दी।

इसके बाद 3 मिनट से भी कम समय में यह मेंडेलीवो शहर की पूर्वी दिशा में 1.5 किलोमीटर (0.9 मील; 0.8 नॉटिकल मील) और शेरेमेत्येवो एयरपोर्ट के उत्तर-पश्चिम में 11.4 किलोमीटर (7.1 मील; 6.2 नॉटिकल मील) की दूरी पर जंगल में क्रैश हो गया। सिएरा लियोन का एक पैसेंजर आग की चपेट में आने से बच गया, लेकिन 8 जुलाई की शाम को सिर में चोट लगने के कारा उसकी मृत्यु हो गई थी।

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दुर्घटना के बाद इंजनों की जांच की गई तो टेकऑफ होने से पहले इंजनों में किसी तरह के फॉल्ट और टेकऑफ के दौरान आग लगने के कोई संकेत नहीं मिले।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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