मिडिल ईस्ट में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं क्योंकि ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी है. शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने वादा किया था कि वे पड़ोसियों पर हमला नहीं करेंगे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की न्यायपालिका प्रमुख ने साफ कर दिया कि उन ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे जो 'दुश्मन' के कब्जे में हैं. कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंकों को निशाना बनाया गया है जिससे वहां के तेल उत्पादन में एहतियातन कटौती करनी पड़ी है. सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक इलाके की ओर बढ़ रहे 15 ड्रोनों को मार गिराया है. कतर के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि उन पर 10 बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं, हालांकि ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
दुबई और यूएई में युद्ध जैसे हालात
दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को धमाकों की खबरों के बाद कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा. यात्रियों को जान बचाने के लिए आनन-फानन में ट्रेन टनल के अंदर भेजा गया. दुबई में एक पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत तब हो गई जब इंटरसेप्शन के दौरान मिसाइल का मलबा उसकी गाड़ी पर जा गिरा. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इमारात इस समय 'युद्ध के दौर' में है और वे इससे और मजबूत होकर निकलेंगे. 28 फरवरी से अब तक यूएई की ओर 221 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1300 से ज्यादा ड्रोन दागे जा चुके हैं. बुर्ज अल अरब से लेकर पाम जुमेराह जैसे पॉश इलाकों तक इस जंग की तपिश महसूस की जा रही है.
यह भी पढ़ें: 2 देशों के भयंकर हमलों से दहला ईरान, US-इजरायल ने तेल डिपो और रिफाइनरियों पर बरसाए बम, लगी भीषण आग
सऊदी और बहरीन का कड़ा डिफेंस
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस की ओर बढ़ रही तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इसके अलावा दक्षिण-पूर्व में स्थित शयबाह तेल क्षेत्र के ऊपर 17 ड्रोनों को नष्ट किया गया है. बहरीन ने बताया कि ईरान के 'क्रूर आक्रमण' के शुरू होने के बाद से उन्होंने 92 मिसाइलों और 151 ड्रोनों को रोका है. राजधानी मनामा में रोजाना धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत है. ईरान का यह आक्रामक रुख उन सभी देशों के लिए बड़ी चेतावनी है जो अमेरिका को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दे रहे हैं. इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और तेल सप्लाई चैन को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है.
लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक से तबाही
एक तरफ ईरान खाड़ी देशों को दहला रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में 'सटीक हमला' कर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडरों को निशाना बनाया है. बेरूत के एक होटल पर हुए हमले में चार लोग मारे गए और 10 घायल हो गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 20 से ज्यादा शहरों और गांवों पर हुए हमलों में अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है. कतर के समुद्री इलाकों में भी कुछ मिसाइलें गिरी हैं, हालांकि वहां कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है. मिडिल ईस्ट के लगभग सभी बड़े देश इस समय मिसाइल डिफेंस सिस्टम के भरोसे अपनी सुरक्षा करने में जुटे हैं. यह संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुका है.
मिडिल ईस्ट में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं क्योंकि ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोनों की बरसात कर दी है. शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने वादा किया था कि वे पड़ोसियों पर हमला नहीं करेंगे, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान की न्यायपालिका प्रमुख ने साफ कर दिया कि उन ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे जो ‘दुश्मन’ के कब्जे में हैं. कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंकों को निशाना बनाया गया है जिससे वहां के तेल उत्पादन में एहतियातन कटौती करनी पड़ी है. सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक इलाके की ओर बढ़ रहे 15 ड्रोनों को मार गिराया है. कतर के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि उन पर 10 बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं, हालांकि ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
दुबई और यूएई में युद्ध जैसे हालात
दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को धमाकों की खबरों के बाद कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा. यात्रियों को जान बचाने के लिए आनन-फानन में ट्रेन टनल के अंदर भेजा गया. दुबई में एक पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत तब हो गई जब इंटरसेप्शन के दौरान मिसाइल का मलबा उसकी गाड़ी पर जा गिरा. यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इमारात इस समय ‘युद्ध के दौर’ में है और वे इससे और मजबूत होकर निकलेंगे. 28 फरवरी से अब तक यूएई की ओर 221 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1300 से ज्यादा ड्रोन दागे जा चुके हैं. बुर्ज अल अरब से लेकर पाम जुमेराह जैसे पॉश इलाकों तक इस जंग की तपिश महसूस की जा रही है.
यह भी पढ़ें: 2 देशों के भयंकर हमलों से दहला ईरान, US-इजरायल ने तेल डिपो और रिफाइनरियों पर बरसाए बम, लगी भीषण आग
सऊदी और बहरीन का कड़ा डिफेंस
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस की ओर बढ़ रही तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. इसके अलावा दक्षिण-पूर्व में स्थित शयबाह तेल क्षेत्र के ऊपर 17 ड्रोनों को नष्ट किया गया है. बहरीन ने बताया कि ईरान के ‘क्रूर आक्रमण’ के शुरू होने के बाद से उन्होंने 92 मिसाइलों और 151 ड्रोनों को रोका है. राजधानी मनामा में रोजाना धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत है. ईरान का यह आक्रामक रुख उन सभी देशों के लिए बड़ी चेतावनी है जो अमेरिका को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने दे रहे हैं. इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और तेल सप्लाई चैन को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है.
लेबनान में इजरायली एयरस्ट्राइक से तबाही
एक तरफ ईरान खाड़ी देशों को दहला रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में ‘सटीक हमला’ कर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडरों को निशाना बनाया है. बेरूत के एक होटल पर हुए हमले में चार लोग मारे गए और 10 घायल हो गए हैं. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 20 से ज्यादा शहरों और गांवों पर हुए हमलों में अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है. कतर के समुद्री इलाकों में भी कुछ मिसाइलें गिरी हैं, हालांकि वहां कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है. मिडिल ईस्ट के लगभग सभी बड़े देश इस समय मिसाइल डिफेंस सिस्टम के भरोसे अपनी सुरक्षा करने में जुटे हैं. यह संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुका है.