मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच दुनिया के अहम तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर दबदबा मजबूत करने के लिए ईरान ने एक बड़ा फैसला किया है. ईरान की संसदीय सुरक्षा समिति के नए ‘मैनेजमेंट प्लान’ के तहत न केवल इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से ‘टोल टैक्स’ वसूला जाएगा, बल्कि अमेरिका और इजरायल के जहाजों की एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है.
‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज से टैक्स वसूला जाएगा. इसके साथ ही अमेरिकी और इजरायली जहाजों के यहां से गुजरने पर रोक का प्रावधान है.
अमेरिकी और इजरायली जहाजों के अलावा उन सभी देशों के जहाजों पर भी बैन लगाया जाएगा, जिन्होंने ईरान के खिलाफ एकतरफा बैन लगाने का समर्थन किया था.
बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. इसके बाद पलटवार करते हुए ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं और मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया. इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान कर दिया.
होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल क्रूड सप्लाई के लिए अहम जलमार्ग है. इस रूट के बंद होने की वजह से भारत समेत कई देशों में एनर्जी क्राइसिस पैदा हो गया. इस रूट से ग्लोबल क्रूड की खपत का पांचवां हिस्सा यहां से सप्लाई होता है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से सैंकड़ों जहाज यहां कई दिनों से खड़े हैं. भारत के कई जहाजों को ईरान ने आने दिया है, लेकिन अभी भी कई जहाज वहां फंसे हुए हैं.
भारत में होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से एलपीजी क्राइसिस पैदा हो गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत अपनी खपत का करीब 90 फीसदी एलपीजी इस रूट से इंपोर्ट करता है.