ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने लेबनान के सशस्त्र संगठन हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के समर्थन में एक संदेश जारी किया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच टकराव की आशंकाएं फिर से तेज होती दिखाई दे रही हैं.

मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि ईरान हिज्बुल्लाह का समर्थन करता रहेगा. उन्होंने संगठन के लड़ाकों को 'उत्पीड़ित लेकिन दृढ़ संकल्प वाले योद्धा' बताते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल लेबनान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में प्रतिरोध की व्यापक विचारधारा का हिस्सा है.

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ईरान हिज्बुल्लाह का करता रहेगा समर्थन

ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि उनके दिवंगत पूर्ववर्ती (Late predecessor) द्वारा तय की गई नीतियों के अनुरूप इस्लामिक गणराज्य हिज्बुल्लाह जैसे सहयोगी समूहों के साथ खड़ा रहेगा. उनके अनुसार, मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों में सैन्य और वैचारिक प्रतिरोध ही वह रास्ता है, जिससे अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा की जा सकती है. खामेनेई ने यह भी विश्वास जताया कि संघर्ष का अंतिम परिणाम प्रतिरोधी ताकतों के पक्ष में जाएगा.

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विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में लगातार बदलते घटनाक्रमों ने सुरक्षा स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है. हाल के महीनों में ईरान और उसके सहयोगी संगठनों की भूमिका को लेकर अमेरिका और इजरायल लगातार सख्त रुख अपनाते रहे हैं. दूसरी ओर, तेहरान बार-बार यह दोहराता रहा है कि वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों का समर्थन जारी रखेगा और बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा.

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जिहाद और प्रतिरोध के अलावा कोई रास्ता नहीं है- मोजतबा

खामेनेई ने कहा, 'जिहाद और प्रतिरोध के अलावा आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है.'

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खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हिज्बुल्लाह और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को एक रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के खिलाफ युद्ध को खत्म करने के किसी भी समझौते में लेबनान के खिलाफ इजरायली आक्रामकता का अंत होना चाहिए.

ईरानी नेता ने दक्षिणी लेबनान के लोगों के धैर्य और समर्थन की भी तारीफ की और मारे गए हिज्बुल्लाह नेता सैयद हसन नसरल्लाह और प्रतिरोध के अन्य कमांडरों को श्रद्धांजलि दी.

वहीं, इससे पहले, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा था कि स्थिरता को मजबूत करने और लेबनान सरकार को अपना अधिकार बढ़ाने की अनुमति देने के लिए लेबनान के क्षेत्र से इजरायल की पूरी तरह से वापसी जरूरी है.