---विज्ञापन---

दुनिया angle-right

ईरान ने परमाणु समझौते के लिए अमेरिका को दिया ऑफर, क्या खामनेई की शर्त मानेंगे ट्रंप?

ईरान ने परमाणु समझौते के लिए अमेरिका को ऑफर सशर्त ऑफर दे दिया है. तेहरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर कुछ सीमाएं लगाने और लचीलापन दिखाने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले अमेरिका को ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने या उन्हें हटाने की पेशकश करनी होगी.

---विज्ञापन---

Iran nuclear deal 2026: ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए समझौते का रास्ता खोल दिया है. ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि अमेरिका को साबित करना होगा कि वह डील चाहता है. अगर वे प्रतिबंधों पर राहत की बात करने को तैयार हैं, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से समझौता चाहता है तो बात आगे बढ़ सकती है.

तख्त-रवांची ने इसे अमेरिका के पाले में गेंद बताया. ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं होगा. तख्त-रवांची ने कहा कि जब इजरायल और अमेरिका ने हम पर हमले किए तो हमारी मिसाइलों ने रक्षा की. ऐसे में हम अपनी रक्षात्मक क्षमताओं से कैसे समझौता कर सकते हैं?

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ‘खामेनेई से मिलने को तैयार ट्रंप…’, US विदेश मंत्री ने दिए अमेरिका-ईरान के बीच बर्फ पिघलने के संकेत!

यूरेनियम के भंडार को कम करने का प्रस्ताव

अमेरिका पहले ईरान से यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग करता रहा है. ट्रंप ने भी हाल में कहा था कि वे किसी भी तरह का संवर्धन नहीं चाहते, लेकिन ईरान इसे अपनी NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के तहत वैध अधिकार मानता है और शून्य संवर्धन को अब चर्चा का विषय नहीं मान रहा. ईरान ने 60% तक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने या पतला करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे वह अपनी लचीलापन दिखाने का प्रमाण बता रहा है. यह स्तर हथियार-ग्रेड के काफी करीब होता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बनी हुई हैं, हालांकि तेहरान लगातार कहता है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.

---विज्ञापन---

ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत

फरवरी की शुरुआत में ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया. तख्त-रवांची ने पुष्टि की कि वार्ता का अगला दौर मंगलवार को जिनेवा में होगा. शुरुआती दौर में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन अभी नतीजे पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ डील करना “बहुत मुश्किल” है. ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो परिणाम ‘बहुत गंभीर और दर्दनाक’ होंगे. उन्होंने बल प्रयोग की धमकी भी दी है और हाल में ईरान में प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर भी सख्त बयान दिए हैं.

---विज्ञापन---

ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव के साथ-साथ अप्रत्यक्ष वार्ता भी चल रही है. ईरान प्रतिबंध राहत को मुख्य शर्त बना रहा है, जबकि अमेरिका न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सख्ती चाहता है. समझौते की संभावना बनी हुई है, लेकिन अभी कई चुनौतियां बाकी हैं.

यह भी पढ़ें: खामेनेई का खात्मा, सत्ता परिवर्तन, परमाणु-मिसाइल प्रोग्राम का अंत… डोनाल्ड ट्रंप ने बताए ईरान पर अटैक के ठोस कारण

---विज्ञापन---
First published on: Feb 15, 2026 05:32 PM

End of Article

About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola