इंडोनेशिया में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को पूर्वी इंडोनेशिया में आए 7.7 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद अब देश का उत्तरी सुमात्रा क्षेत्र 6.8 तीव्रता के एक और जोरदार भूकंप से दहल उठा. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, उत्तरी सुमात्रा में आए इस ताजा भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर करीब 158 किलोमीटर की गहराई में था.
इससे पहले शनिवार सुबह पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास 7.7 तीव्रता का जबर्दस्त भूकंप आया था. इस तबाही में अब तक कम से कम 38 लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं. भूकंप इतना तेज था कि कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. सड़कों में दरारें आ गईं और भूस्खलन के कारण कई मुख्य मार्ग बंद हो गए.
अस्पतालों और घरों से भागे लोग
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग जान बचाने के लिए घरों, दुकानों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े. कई अस्पतालों में भर्ती मरीजों को तुरंत बाहर निकाला गया और डॉक्टरों ने सड़कों पर अस्थायी बेड लगाकर उनका इलाज शुरू किया. प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप होने से राहत-बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
सुनामी चेतावनी और राहत कार्य
सुबह के भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की थी, जिसके चलते हजारों लोग ऊंचे स्थानों पर चले गए. हालांकि बाद में समुद्र के जलस्तर में कोई बड़ा बदलाव न दिखने पर चेतावनी वापस ले ली गई. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) और बचाव दल हेलिकॉप्टरों व नावों के जरिए मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं.
प्रशांत ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र यानी ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित है. टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने के कारण यहां अक्सर शक्तिशाली भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं होती रहती हैं.