अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग लाल सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. यमन के पश्चिमी तट पर स्थित अल हुदैदा के पास एक भारतीय व्यापारिक जहाज 'फैज नूरे औलिया' पर विस्फोटकों से भरी नाव के जरिए अचानक हमला कर दिया गया. हमले में जहाज में भारी नुकसान हुआ और वह समुद्र में डूब गया. इस घटना पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर कड़ी आपत्ति जताई है और हमले की सख्त निंदा की है.विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं. बचाव कार्य में मिले तुरंत सहयोग के लिए भारत सरकार ने यमनी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है.
पाकिस्तान ने ट्रंप को दिया झटका! ईरान-अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ बाहर, अब कौन कराएगा डील?
---विज्ञापन---
भारत ने इस हमले की सख्त शब्दों में निंदा की
विदेश मंत्रालय के अनुसार, रियाद (सौदी अरब) स्थित भारतीय दूतावास पूरे हालात पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है. दूतावास चालक दल के सदस्यों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमनी अधिकारियों के साथ मिलकर सक्रियता से काम कर रहा है. भारत ने इस हमले की सख्त शब्दों में निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं. ऐसे हमलों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए.
---विज्ञापन---
'निहत्थे पोत पर हमला बर्दाश्त से बाहर'
केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने घटनापर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि भारत इस निहत्थे मशीनीकृत नौकायन पोत पर हुए अकारण हमले की सख्त शब्दों में निंदा करता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है.
---विज्ञापन---
भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए बिना किसी बाधा के व्यापार और जहाजों की आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए, ताकि समुद्री व्यापार सुरक्षित रह सके.
---विज्ञापन---
---विज्ञापन---