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क्या है यूरोपीय संघ, कैसे करता है काम और NATO से कितना अलग? 18 साल बातचीत के बाद भारत से किया व्यापार समझौता

European Union: भारत के साथ व्यापार समझौता करने वाला यूरोपीय संघ दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक हे, जिसमें करीब 27 देश हैं और वे भी मिलकर यूरोपीय संघ के नियमों, आदेशों, फैसलों और निर्देशों का पालन करते हैं. यूरोपीय संघ अपने 27 देशों का कर्ता-धर्ता है.

European Union Explainer: यूरोपीय संघ पिछले कई महीनों से सुर्खियों में है. पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ के चलते सुर्खियों में रहा. रूस से तेल व्यापार के कारण नाराजगी के चलते राष्ट्रपति ट्रंप यूरोपीय संघ से भारत पर टैरिफ लगाने की अपील करते रहते हैं. फिर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका से टकराव के चलते यूरोपीय संघ चर्चा में आया, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड के लिए समर्थन नहीं देने पर नाटो को तोड़ने और यूरोपीस संघ पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. अब यूरोपीय संघ भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर सुर्खियों में है.

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18 साल की बातचीत के बाद हुआ समझौता

भारत और यूरोपीय संघ के बीच साल 2007 में व्यापार वार्ता शुरू हुई थी, जो साल 2012 तक चली, लेकिन जटिलताओं और व्यापार की शर्तों पर असहमति के कारण साल 2017 में व्यापार वार्ता बंद हो गई, जिसे साल 2022 में फिर से शुरू किया गया और 3 साल लगातार बातचीत के बाद आज 27 जनवरी 2026 को व्यापार समझौते का ऐलान किया गया, जिस पर अगले 6 महीने में हस्ताक्षर किए जाएंगे और अगले साल समझौते को लागू किया जाएगा. भारत और यूरोपीय संघ के बीच समझौते का मकदस साल 2030 तक देशों के व्यापार को आगे बढ़ाना है.

27 सदस्य देशों के लिए प्रतिबद्ध संघ

बता दें कि यूरोपीय संघ यूरोप के 27 देशों का एक आर्थिक और राजनीतिक निकाय है, जो 7 संस्थानों के साथ 27 देशों के विकास और संचालन के लिए प्रतिबद्ध है. इस संघ का मकसद अपने 27 सदस्य देशों की स्वतंत्रता, संप्रभुता और एकता को बनाए रखना. इनके बीच वस्तुओं, सेवाओं और करेंसी का लेन-देन कराना. एक दूसरे के साथ व्यापार की शर्तें तय करके करेंसी का लेन-देन संभव कराना. आपसी विवादों का निपटारा करते हुए इन देशों में शांति और स्थिरता कायम रखना. 27 देशों के लिए विदेश, विकास और सुरक्षा की नीतियां बनाकर उन्हें लागू करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना.

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ये हैं यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देश

बता दें कि यूरोपीय संघ के सदस्य देश ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, क्रोएशिया, साइप्रस गणराज्य, चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हंगरी, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, नीदरलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन और स्वीडन हैं. इनमें से 19 सदस्य देश यूरो को अपनी ऑफिशियल करेंसी के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, वहीं 8 सदस्य देश बुल्गारिया, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, हंगरी, पोलैंड, रोमानिया, स्वीडन यूरो का इस्मतेमाल नहीं करते, बल्कि इन देशों की अपनी करेंसी है.

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7 संस्थान और 4 राजधानियां

बता दें कि यूरोपी के 4 हिस्से पूर्वी यूरोपी, पश्चिमी यूरोप, साउथ यूरोप और उत्तरी यूरोप हैं. वहीं यूरोप के 7 संस्थान यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग, यूरोपीय परिषद, यूरोपीय न्यायालय, यूरोपीय न्यायालय का लेखा-परीक्षक, यूरोपीय बैंक, यूरोपीय संघ की परिषद है. इन सातों संस्थानों के हेडऑफिस ब्रुसेल्स (बेल्जियम), फ्रैंकफर्ट एम मेन (जर्मनी), लक्जमबर्ग (लक्जमबर्ग) और स्ट्रासबर्ग (फ्रांस) में हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो यह चारों शहर यूरोपीय संघ की राजधानियां हैं, जहां से यूरोपीय संघ और यूरोपीय परिषद मिलकर 27 देशों का संचालन और विकास की जिम्मेदारी उठाता है.

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दुनिया का सबसे बड़ा आयातक-निर्यातक

बता दें कि यूरोपीय संघ दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समुदाय है और दुनियाभर में बनने वाले उत्पादों और सेवाओं का सबसे बड़ा आयातक है. 100 से ज्याद देशों के लिए सबसे बड़ा बाजार है. यूरोपीय संघ दुनियाभर में आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है और हर साल करीब 120 मिलियन लोगों के लिए किसी न किसी तरह का सहयोग करता है, लेकिन यूरोपीय संघ हमेशा रहेगा, यह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि लिस्बन संधि के लागू होने से सदस्यों देशों को अधिकार मिल गया है कि वे खुद को इससे अलग कर सकते हैं. इसमें भी सबसे पहले ग्रीस बाहर निकलेगा, क्योंकि वह आर्थित संकट से जूझ रहा है.

नाटो से कैसे अलग है यूरोपीय संघ?

बता दें कि यूरोपीय संघ आर्थिक और राजनीतिक संगठन है, वहीं नाटो सैन्य और सुरक्षा गठबंधन है. यूरोपीय संघ की स्थापना 1957 में हुई थी, जबकि नाटो 1949 में स्थापित हुआ था. यूरोपीय संघ के सदस्य केवल यूरोपीय देश हैं, लेकिन नाटो के कुल 32 सदस्य हैं, जिनमें से 23 सदस्य देश यूरोप के हैं और बाकी नॉर्थ अमेरिका के देश शमिल है. यूरोपीय संघ की मुद्रा यूरो है, लेकिन नाटो की कोई मुद्रा नहीं है. यूरोपीय संघ के कानून सभी सदस्य देशों पर लागू होते हैं, लेकिन नाटो सिर्फ सैन्य और रक्षा सहयोग करता है.

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First published on: Jan 27, 2026 12:09 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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