भारत आने वाले जहाज होर्मुज में हो रहे 'गायब', रडार में भी नहीं आते नजर; क्या ईंधन सप्लाई पर पड़ेगा असर?

आमतौर पर सभी कमर्शियल जहाज अपनी पहचान, लाइव लोकेशन और डेस्टिनेशन की जानकारी देने के लिए ‘ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ ट्रांसपोंडर्स को हमेशा ऑन रखते हैं.

Hormuz
विज्ञापन

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से भारत के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है. समुद्री खुफिया डेटा फर्म ‘केपलर’ के आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी से भारत की ओर आने वाले अधिकांश कमर्शियल जहाजों और ऑयल टैंकर्स ने संभावित ईरानी हमलों से बचने के लिए अपने ट्रैकिंग सिस्टम को बंद करना शुरू कर दिया है. समुद्री भाषा में इस रणनीति को ‘गोइंग डार्क’ कहा जाता है.

क्यों पहचान छुपा रहे हैं भारत आने वाले जहाज?

आमतौर पर सभी कमर्शियल जहाज अपनी पहचान, लाइव लोकेशन और डेस्टिनेशन की जानकारी देने के लिए ‘ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ ट्रांसपोंडर्स को हमेशा ऑन रखते हैं. लेकिन इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जोखिम इतना ज्यादा बढ़ चुका है कि 1 मई से 25 जून के बीच भारत आने वाले 73 जहाजों में से 45 जहाजों ने इसे पार करते समय अपने ट्रांसपोंडर्स पूरी तरह बंद रखे ताकि वे ईरान की नजरों में न आ सकें.

विज्ञापन

इनमें पनामा, लाइबेरिया, यूएई और मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले वे जहाज भी शामिल हैं जो भारत के लिए माल या कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं. इस दौरान गुजरे 4 भारतीय झंडे वाले जहाजों में से भी 2 ने अपनी पहचान और रूट की जानकारी छुपाकर ही इस खतरनाक रास्ते को पार किया.

ओमान और ईरान के रास्तों को लेकर भारी भ्रम

शिपिंग पैटर्न्स से पता चलता है कि जिन देशों को पश्चिमी देशों का करीबी या ईरान का विरोधी माना जाता है, उनके जहाजों पर हमले का खतरा सबसे ज्यादा है. ऐसे जहाज ओमान की ओर वाले शिपिंग लेन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे अमेरिका और ओमान का समर्थन प्राप्त है, लेकिन ईरान इसे मान्यता नहीं देता. दूसरी ओर, जो जहाज ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों से गुजर रहे हैं, वे भी अब डर के मारे अपने ट्रांसपोंडर्स बंद कर रहे हैं.

विज्ञापन

कई मामलों में तो ईरान द्वारा क्लियरेंस मिलने के बाद भी जहाजों को निशाना बनाया गया है.

विज्ञापन

मंजूरी के बाद भी ‘Sanmar Herald’ पर हुआ था हमला

मिड-अप्रैल में भारत के झंडे वाले एक बड़े तेल टैंकर ‘सानमार हेराल्ड’ पर लारक द्वीप के पास हमला किया गया था, जहां ईरानी नौसेना यातायात को नियंत्रित करती है. घटना के बाद सामने आए एक ऑडियो क्लिप में जहाज के कैप्टन को साफ कहते सुना गया था कि हमले से ठीक पहले ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ की नेवी ने उन्हें आगे बढ़ने की मंजूरी दी थी.

इसके बाद मई की शुरुआत में कई जहाजों ने ओमान के तट से सटे कॉरिडोर का उपयोग करना शुरू किया, जिसे अमेरिकी नौसेना और संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने सुरक्षित सुरक्षा घेरे के रूप में मान्यता दी थी.

विज्ञापन

ओमान रूट पर भी खतरा बरकरार

भले ही अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी के कारण ओमान वाले रास्ते को तुलनात्मक रूप से सुरक्षित माना जा रहा है, लेकिन यह भी खतरों से पूरी तरह मुक्त नहीं है. मई के मध्य में, भारत के झंडे वाला एक अन्य मालवाहक जहाज ओमान के लीमा के पास डूब गया था, जिसके पीछे कथित तौर पर ईरानी हमला होने की आशंका जताई गई थी. यही वजह है कि अमेरिकी सुरक्षा कवच होने के बावजूद, भारत आने वाले मर्चेंट जहाज कोई जोखिम नहीं लेना चाहते और चुपचाप अपने रडार बंद करके इस रास्ते को पार कर रहे हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ