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Epstein Files: नोबेल शांति पुरस्कार पर पहले से थी डोनाल्ड ट्रंप की नजर, एपस्टीन फाइल्स से खुला राज

डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पाने का सपना एक बार फिर चर्चा में है. हाल में सामने आई एपस्टीन फाइल्स में भी इस चाह का जिक्र मिला है, जिससे नई बहस छिड़ गई है.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार पाने का सपना कोई नया नहीं है. ट्रंप कई बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि उन्होंने दुनिया में शांति के लिए बड़े कदम उठाए हैं और उन्हें इस पुरस्कार का हकदार माना जाना चाहिए. ट्रंप ने एड़ी चोटी का जोर लगाकर वेनेजुएला की मचाडो से नोबेल शांति पुरस्कार अपने नाम करा ही लिया. अब नोबेल शांति पुरस्कार का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है, क्योंकि हाल ही में सामने आई एपस्टीन फाइल्स में भी इसका जिक्र मिला है. इन फाइल्स में बदनाम अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े ईमेल और दस्तावेज शामिल हैं. इन दस्तावेजों में एपस्टीन ने नोबेल शांति पुरस्कार और उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों का जिक्र किया है.

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जेफ्री के ईमेल में था नोबेल पुरस्कार का जिक्र

एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि अगर ट्रंप को ये पता चल जाए कि नोबेल समिति से जुड़े कुछ लोग उनके संपर्क में हैं, तो वो बेहद उत्साहित हो जाएंगे. इससे ये साफ होता है कि ट्रंप की नोबेल पुरस्कार में गहरी रुचि पहले से रही है. एपस्टीन फाइल्स में थॉरबोर्न यागलैंड का भी नाम सामने आया है, जो कुछ समय तक नोबेल शांति पुरस्कार समिति के प्रमुख रह चुके हैं. एपस्टीन ने अपने ईमेल्स में यागलैंड और बाकी बड़ी हस्तियों के नामों का जिक्र किया था. हालांकि, इन दस्तावेजों में ये साबित नहीं होता कि ट्रंप को नोबेल दिलाने के लिए कोई सीधी साजिश या लॉबिंग की गई थी.

ट्रंप ने कई बार किया नोबेल पुरस्कार का जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने अलग-अलग देशों के बीच तनाव कम करने और युद्ध रोकने में भूमिका निभाई है. ट्रंप का मानना है कि अगर इन कामों को सही तरीके से आंका जाए, तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. लेकिन आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की नीतियां और बयान कई बार विवादित रहे हैं, जिससे उनकी दावेदारी कमजोर पड़ती है. फिलहाल, एपस्टीन फाइल्स से ये साफ है कि ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर आकर्षण पुराना है और समय-समय पर ये मुद्दा फिर से सुर्खियों में आता रहता है.

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ये भी पढ़ें: ‘चुनावों में धांधली, सुधार नहीं हुआ तो…’ डोनाल्ड ट्रंप ने फिर उठाए इलेक्शन पर सवाल

First published on: Feb 15, 2026 06:50 AM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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