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मिडिल ईस्ट की ‘महाजंग’ पर चौंकाने वाला दावा, ट्रंप बोले- ईरान से हुई डील, बंद होगा परमाणु कार्यक्रम, खुलेगी होर्मुज स्ट्रेट

अमेरिका और ईरान की जंग खत्म होने के संकेत मिले हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से समझौते को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक जानकारी दी है.

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अमेरिका ने ईरान पर हमले न करने की घोषणा की है, जबकि बीते दिन उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने का आदेश दिया था और ईरान पर भीषण हमले करने की चेतावनी दी थी. इसके बाद सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने फोन करके अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले न करने का आग्रह किया था. लेकिन ईरान पर हमले न करने के आदेश के पीछे की वजह राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ और ही बताई है. उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिख ईरान से समझौते, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है.

ईरान युद्ध खत्म करने का संकेत दिया

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध का खतरा टल गया है, क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौते पर सहमति बन गई है. ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करेगा और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल दिया जाएगा. दुनिया के भविष्य के लिए और वैश्विक संकट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इसलिए ईरान पर हमले रोक दिए गए हैं. अमेरिका की सेना ने ईरान पर बड़ा हमला करने की तैयारी पूरी कर ली थी, लेकिन आखिरी समय में समझौते को लेकर सहमति बनने की वजह से हमले रोक दिए गए. अब 5 महीने से चल रहा युद्ध खत्म हो सकता है.

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होर्मुज को हमेशा ओपन रखने की डील

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पहले की तरह पूरी दुनिया के लिए हमेशा के लिए खोलने को भी राजी हो गया है. यह समुद्री रास्ता कच्चे तेल और ऊर्जा की आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है. दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल और ऊर्जा व्यापार इसी रास्ते से होता है. वहीं समझौता होने के बाद ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सकेगा. ऐसे में दुनिया पर मंडरा रहा ईरान रूपी परमाणु खतरा खत्म हो जाएगा. ईरान के साथ समझौता करने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका कमजोर है, बल्कि दुनिया के भले के लिए यह समझौता किया गया है.

फरवरी से जारी है ईरान-अमेरिका जंग

बता दें कि अमेरिका और ईरान की जंग फरवरी 2026 में शुरू हुई थी. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे और बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज कम करे, लेकिन ईरान ऐसा करने के लिए राजी नहीं है. इसलिए इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले करके भारी नुकसान पहुंचाया. वहीं ईरान ने अरब देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमले करके नुकसान पहुंचाया. पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 जून को ईरान और अमेरिका में सीजफायर हुआ, लेकिन होर्मुज में जहाजों पर ईरान के हमले के कारण अमेरिका ने सीजफायर तोड़ दिया.

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First published on: Aug 02, 2026 09:37 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम, यूटिलिटी, एजुकेशन, फीचर आदि विषयों पर अच्छी पकड़ है। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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