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अमेरिका में फिर हुई ‘तालाबंदी’, पहले 43 दिन रहा था शटडाउन, जानें अब क्यों अटका फंडिंग बिल?

US Shutdown News: अमेरिका में एक बार फिर शटडाउन लग गया है, क्योंकि सीनेट में फंडिंग बिल को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी आमने-सामने है. वहीं इस बार आंशिक तालाबंदी हुई है, लेकिन शटडाउन चाहे कैसा भी हो, नुकसान और समस्याएं तय हैं.

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Shutdown Threat Again in America: अमेरिका पर एक बार फिर से तालाबंदी यानी शटडाउन हो गया है, क्योंकि सीनेट में फिर से फंडिंग बिल अटक गया है, जिस वजह से राष्ट्रपति ट्रंप टेंशन में हैं. हालांकि इस बार देश में आंशिक शटडाउन लगा है, लेकिन क्योंकि अमेरिका अभी 43 दिन चले शटडाउन से उभर रहा है, ऐसे में फिर से आंशिक शटडाउन पहले से चल रही समस्याओं को और बढ़ा सकता है और नुकसान भी ज्यादा हो सकता है.

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आज था शटडाउन को टालने का मौका

बता दें कि सीनेट में फंडिंग से जुड़े उस समझौते पर विवाद खड़ा हो गया है, जिससे एजेंसियों के संचालन के लिए फंडिंग में कोई रुकावट नहीं आएगी, लेकिन कुछ सांसदों ने इस समझौते पर आपत्ति जताई है. इसलिए आज फिर सीनेट की कार्यवाही हुई, जिसमें समझौते पर चर्चा हुई, लेकिन सीनेट समझौते को मंजूर नहीं कर पाई, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों की मीटिंग में इसे बहुमत से पास नहीं कराया गया और शटडाउन लग गया.

किन विभागों का रुक सकता है काम?

बता दें कि अमेरिका में सरकारी शटडाउन तब होता है, जब सत्तारूढ़ दल नए साल के लिए नए खर्चों से जुड़े बिल को सीनेट में पास नहीं करवा पाती. अगर बिल पास नहीं होता और शटडाउन लगता है तो कई सरकारी एजेंसियों को काम बंद करना पड़ता है. फंड खत्म होने से रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, मानव सेवा, परिवहन, ट्रेजरी और होमलैंड सिक्योरिटी जैसे विभागों के कामकाज पर असर पड़ता है. यह सभी विभाग कुल फंड का 3 चौथाई से ज्यादा हिस्सा खर्च करते हैं और अब फंड न होने से उन्हें काम रोकना पड़ेगा.

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वेतन और भत्तों पर क्या असर पड़ेगा?

अमेरिका में शटडाउन होता है तो लाखों फेडरल कर्मचारियों को लीव पर भेजा जा सकता है, वहीं कुछ कर्मचारियों को बिना वेतन के काम करना पड़ेगा. सोशल सिक्योरिटी, डिसेबिलिटी पेमेंट, SSI, मेडिकेयर और मेडिकेड भुगतान तो किए जाते रहेंगे, लेकिन बेरोजगारी भत्ता तब तक मिलेगा, जब तक विभाग के पास फंड बचा है, उसके बाद बंद हो जाएगा. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और TSA अधिकारियों को बिना वेतन के काम करना पड़ेगा.

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सपोर्ट स्टाफ की कमी से फ्लाइट कैंसिल हो सकती हैं. नेशनल पार्क, स्मिथसोनियन म्यूजियम और नेशनल जू खुल रह सकते हैं, लेकिन मैरिज लाइसेंस, हाउसिंग लोन और फ्लड इंश्योरेंस रूक सकते हैं. फंड नहीं होने से कई बिजनेस ठप पड़ जाएंगे, जिस वजह से बिजनेस को नुकसान होगा और देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा. अरबों डॉलर का नुकसान होने से अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ सकती है.

First published on: Jan 31, 2026 08:54 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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