---विज्ञापन---

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी बेअसर, कुवैत में अमेरिकी सेना पर ईरानी ड्रोन्स का ताबड़तोड़ अटैक; मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक कमर्शियल जहाज पर हमले की सूचना ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) ने दी है. इस बीच होर्मुज को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं.

---विज्ञापन---

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को दी गई आखिरी वार्निंग के ठीक अगले दिन कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी ड्रोन्स हमले की खबर सामने आई. यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तीन ड्रोन के जरिए अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया. हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका या कुवैत की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसी दौरान कुवैत और इराक के बसरा प्रांत में विस्फोटों की भी खबरें आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

होर्मुज पर कब्जा नहीं छोड़ना चाहता ईरान


वहीं, दूसरी ओर ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक कमर्शियल जहाज पर हमले की सूचना ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) ने दी है. इस बीच होर्मुज को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान और ओमान के बीच इस रणनीतिक समुद्री मार्ग के ऑपरेशन को लेकर अस्थायी व्यवस्था पर बातचीत चल रही है. बताया जा रहा है कि ईरान चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाजों की निगरानी और नियंत्रण में उसकी प्रमुख भूमिका हो, हालांकि उसने होर्मुज में जहाजों के यातायात पर कंट्रोल की अपनी पुरानी मांग में कुछ नरमी दिखाई है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: भोजशाला विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई, अंतरिम व्यवस्था और धार्मिक अधिकारों पर होगी बहस

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी बेअसर


गौरतलब है कि कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले से कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट कर दावा किया था कि ईरान के साथ नए दौर की बातचीत जल्द शुरू हो सकती है. उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि ये ईरान के लिए आखिरी मौका है. उन्होंने यह भी कहा था कि होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की बड़ी संख्या में मौजूदगी है और उसकी मंजूरी के बिना कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता. ट्रंप के अनुसार, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अनुरोध पर अमेरिका ने फिलहाल नए सैन्य हमलों को रोक रखा है, बातचीत की संभावना को मौका दिया जा सके.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: लाल सागर में हमले के बाद भारतीय झंडे वाला जहाज डूबा, 13 भारतीय बचाए गए; सरकार ने की कड़ी निंदा

First published on: Aug 05, 2026 06:29 AM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola