---विज्ञापन---

‘ग्रीनलैंड को सिर्फ अमेरिका ही बचा सकता है…’, दावोस में बोले डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी पर भी बात की. लेकिन उन्होंने साथ ही यूरोप को भी आड़े हाथों लिया और ग्रीनलैंड पर भी बड़ा बयान दिया.

---विज्ञापन---

Davos Summit 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी पर भी बात की. लेकिन उन्होंने साथ ही यूरोप को भी आड़े हाथों लिया और ग्रीनलैंड पर भी बड़ा बयान दिया.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में World Economic Forum को संबोधित करते हुए अमेरिका फर्स्ट नीति पर जोर दिया. इस दौरान उन्होंने यूरोप की आलोचना की और कहा कि उन्हें यूरोप से प्यार है लेकिन यूरोप सही दिशा में नहीं बढ़ रहा. ट्रंप ने यूरोप में मास माइग्रेशन के दुष्प्रभावों पर चेतावनी दी और कहा कि कई इलाके इतने बदल गए हैं कि पहचाने नहीं जाते.

---विज्ञापन---

उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तारीफ की और कहा कि महंगाई घटी है, स्टॉक एक्सचेंज रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा और निवेश 18 ट्रिलियन डॉलर रहा.

दावोस में ट्रंप ने फिर उठाई ग्रीनलैंड की मांग

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि ‘ग्रीनलैंड के लोग मुझे पसंद हैं. ग्रीनलैंड हमारे पास था. हमने WW 2 के बाद डेनमार्क को वापस दे दिया था. आज ग्रीनलैंड की रक्षा डेनमार्क नहीं कर सकता है.अमेरिका के अलावा कोई नहीं कर सकता है. हमें अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड चाहिए.’

---विज्ञापन---

वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हमने NATO के लिए सबसे ज्यादा किया है. कोई NATO सदस्य NATO को पैसे नहीं देता था, हमने इसे संभव किया. हमें NATO से कुछ नहीं मिला. हम negotiation करना चाहते हैं.’ सुरक्षा के लिए हम एक Golden Dome बनाने वाले हैं.

हम ही कर सकते हैं ग्रीनलैंड की रक्षा- ट्रंप

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर कहा कि ‘यह बर्फ का एक बड़ा खूबसूरत टुकड़ा है. मैं ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का सम्मान करता हूं. हमने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान ग्रीनलैंड की मदद की थी. ग्रीनलैंड की रक्षा हमारे सिवाए कोई भी मुल्क नहीं कर सकता. सिर्फ हम ही ग्रीनलैंड को बचा सकते हैं. हमने वर्ल्ड वॉर 2 के वक्त ग्रीनलैंड को बचाया था. हम बेवकूफ थे जो हमने ग्रीनलैंड को वापस दे दिया.’

---विज्ञापन---

उन्होंने कहा कि ‘हम अब बहुत बड़ी मिलिट्री पावर हैं. हम ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए मिलिट्री का इस्तेमाल कर सकते हैं. हमें हमारी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है.’

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को दिलाई दूसरे विश्व युद्ध की याद

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुझे ग्रीनलैंड के लोगों और डेनमार्क के लोगों दोनों के लिए बहुत सम्मान है. लेकिन हर नाटो सहयोगी की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने इलाके की रक्षा कर सके और सच तो यह है कि अमेरिका के अलावा कोई भी देश या देशों का समूह ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की स्थिति में नहीं है. हम एक बड़ी शक्ति हैं, जितनी लोग समझते हैं उससे कहीं ज़्यादा. मुझे लगता है कि उन्होंने यह दो हफ़्ते पहले वेनेज़ुएला में देख लिया था.’

---विज्ञापन---

ट्रंप ने आगे कहा, ‘हमने यह दूसरे विश्व युद्ध में देखा था, जब डेनमार्क सिर्फ छह घंटे की लड़ाई के बाद जर्मनी के सामने हार गया था और वह न तो खुद की और न ही ग्रीनलैंड की रक्षा कर पाया था. इसलिए अमेरिका मजबूर हुआ, हमने ऐसा किया, हमने इसे करने की जिम्मेदारी महसूस की, कि हम अपनी सेना भेजकर ग्रीनलैंड के इलाके पर कब्जा करें और उसे बहुत ज्यादा कीमत और खर्च पर अपने पास रखें. उन्हें उस पर कब्जा करने का कोई मौका नहीं मिला और उन्होंने कोशिश की थी. डेनमार्क यह जानता है. हमने सचमुच डेनमार्क के लिए ग्रीनलैंड में बेस बनाए. हमने डेनमार्क के लिए लड़ाई लड़ी. हम किसी और के लिए नहीं लड़ रहे थे. हम इसे डेनमार्क को बचाने के लिए लड़ रहे थे.’

First published on: Jan 21, 2026 08:03 PM

End of Article

About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola