अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रूख अपना लिया है। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है। क्योंकि ट्रंप ने अब ईरान को 48 घंटे का समय दे दिया है, यानी जहां पहले दोनों के बीच समझौते की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब युद्ध और भीषण होने के आसार दिखने लगे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे यानी 6 अप्रैल तक का समय दे दिया है। अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोली और समझौता नहीं किया तो अमेरिका ईरान में तबाही मचाएगा।
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दोनों देशों को युद्धविराम की शर्तें मंजूर नहीं
बता दें कि ईरान और अमेरिका युद्धक्षेत्र से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दोनों को युद्धविराम की शर्तें स्वीकार नहीं हैं। पहले ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए जमीनी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। फिर अचानक पीछे हटे और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से अमेरिका तेल नहीं लेता, इसलिए जिस तेल चाहिए, वह खुद होर्मुज को खुलवाए। अब एक बार फिर अपने बयान से पलटते हुए उन्होंने ईरान को चेतावनी दे दी है कि 48 घंटे में होर्मुज नहीं खोली तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप ने लिखी ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक अंदाज में एक पोस्ट लिखी। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि समय तेजी से निकल रहा है। युद्ध लड़ रहे हैं, कोई मजाक नहीं है। ईरान को समझौता करने के लिए और होर्मुज स्ट्रेट को खोल देने के लिए समय दिया है, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे का समय बचा है। अगर यह डेडलाइन क्रॉस हो गई और होर्मुज को नहीं खोला गया तो अमेरिका कहर बनकर टूटेगा। ईरान के तेल और गैस प्लांट को मिट्टी का ढेर बनाकर रख देंगे।
ट्रंप ने ईरान को दिया है 15 सूत्रीय प्रस्ताव
बता दें कि अमेरिका ने कूटनीतिक अपनाते हुए ईरान को बातचीत करने का प्रस्ताव दिया था। 15 सूत्रीय प्रस्ताव देकर ईरान को परमाणु समझौता करने के लिए 10 दिन यानी 6 अप्रैल तक का समय दिया था। लेकिन ईरान ने बातचीत और समझौते की बात रिजेक्ट कर दी। साथ ही धमकी दी कि अब ईरान जब चाहेगा, तब युद्ध खत्म होगा। इसके बाद ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि मामला सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका का धैर्य खत्म हो रहा है।
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होर्मुज को लेकर तनाव और गहरा सकता
हालांकि अभी 48 घंटे बाकी हैं, लेकिन जिस तरह का रुख ईरान और अमेरिका ने अपनाया हुआ है। उससे साफ है कि अब जंग और भीषण हो सकती है। वहीं अब तनाव बढ़ने की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज होगी, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा जरिया है। इसमें किसी तरह की रुकावट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ट्रंप कह चुके हैं कि वे चुटकियों में इसे खुलवा सकते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ईरान इसे खोले और वैश्विक संकट को खत्म करे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रूख अपना लिया है। इससे अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और गहरा गया है। क्योंकि ट्रंप ने अब ईरान को 48 घंटे का समय दे दिया है, यानी जहां पहले दोनों के बीच समझौते की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब युद्ध और भीषण होने के आसार दिखने लगे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे यानी 6 अप्रैल तक का समय दे दिया है। अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोली और समझौता नहीं किया तो अमेरिका ईरान में तबाही मचाएगा।
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दोनों देशों को युद्धविराम की शर्तें मंजूर नहीं
बता दें कि ईरान और अमेरिका युद्धक्षेत्र से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। दोनों को युद्धविराम की शर्तें स्वीकार नहीं हैं। पहले ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए जमीनी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। फिर अचानक पीछे हटे और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से अमेरिका तेल नहीं लेता, इसलिए जिस तेल चाहिए, वह खुद होर्मुज को खुलवाए। अब एक बार फिर अपने बयान से पलटते हुए उन्होंने ईरान को चेतावनी दे दी है कि 48 घंटे में होर्मुज नहीं खोली तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप ने लिखी ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक अंदाज में एक पोस्ट लिखी। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि समय तेजी से निकल रहा है। युद्ध लड़ रहे हैं, कोई मजाक नहीं है। ईरान को समझौता करने के लिए और होर्मुज स्ट्रेट को खोल देने के लिए समय दिया है, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे का समय बचा है। अगर यह डेडलाइन क्रॉस हो गई और होर्मुज को नहीं खोला गया तो अमेरिका कहर बनकर टूटेगा। ईरान के तेल और गैस प्लांट को मिट्टी का ढेर बनाकर रख देंगे।
ट्रंप ने ईरान को दिया है 15 सूत्रीय प्रस्ताव
बता दें कि अमेरिका ने कूटनीतिक अपनाते हुए ईरान को बातचीत करने का प्रस्ताव दिया था। 15 सूत्रीय प्रस्ताव देकर ईरान को परमाणु समझौता करने के लिए 10 दिन यानी 6 अप्रैल तक का समय दिया था। लेकिन ईरान ने बातचीत और समझौते की बात रिजेक्ट कर दी। साथ ही धमकी दी कि अब ईरान जब चाहेगा, तब युद्ध खत्म होगा। इसके बाद ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी ने स्पष्ट कर दिया है कि मामला सिर्फ कूटनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका का धैर्य खत्म हो रहा है।
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होर्मुज को लेकर तनाव और गहरा सकता
हालांकि अभी 48 घंटे बाकी हैं, लेकिन जिस तरह का रुख ईरान और अमेरिका ने अपनाया हुआ है। उससे साफ है कि अब जंग और भीषण हो सकती है। वहीं अब तनाव बढ़ने की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज होगी, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा जरिया है। इसमें किसी तरह की रुकावट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ट्रंप कह चुके हैं कि वे चुटकियों में इसे खुलवा सकते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि ईरान इसे खोले और वैश्विक संकट को खत्म करे।