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बाब-ए-मंडब क्यों इतना खतरनाक चोकपॉइंट? गालिबाफ की धमकी के 3 गहरे मायने

बाब-ए-मंडब: तेल से लेकर अनाज तक, ईरान के हाथ में है दुनिया की रग! स्पीकर गालिबाफ ने दी बड़ी चेतावनी. आखिर क्यों हॉर्मुज के बाद यह दूसरा चोकपॉइंट बना वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा? हूतियों के जरिए लाल सागर को बंद करने और अनाज-उर्वरक की सप्लाई रोकने का क्या है ईरान का खतरनाक प्लान?

ईरानी स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ की ओर से बाब-ए-मंडब चोकपॉइंट को लेकर दिए बयान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में खलबली मचा दी है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब-ए-मंडब को लेकर ईरान ने जो तेवर दिखाए हैं, वह सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी है. मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने बाब-ए-मंडब पर निर्भर देशों और कंपनियों को सीधे टारगेट करते हुए पूछा कि “तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक के परिवहन में बाब-ए-मंडब से गुजरने वाले वैश्विक शिपमेंट्स का कितना प्रतिशत हिस्सा है? कौन से देश और कौन सी कंपनियां सबसे ज्यादा इस संकरे रास्ते पर निर्भर हैं?”

बाब-ए-मंडब क्यों इतना खतरनाक चोकपॉइंट है?

बाब-ए-मंडब लाल सागर को गल्फ ऑफ एडेन से जोड़ता है. यह हॉर्मुज स्ट्रेट के बाद दुनिया का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट माना जा रहा है. इससे हर साल लाखों टन तेल, एलएनजी, खाद्य अनाज और उर्वरक गुजरते हैं. अगर यह बंद हुआ तो यूरोप में ऊर्जा संकट और विकासशील देशों में खाद्यान्न व उर्वरक की भारी कमी एक साथ आ सकती है.

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गालिबाफ की धमकी के 3 गहरे मायने

  • हूती कार्ड का इस्तेमाल: ईरान खुद बाब-ए-मंडब से सटा नहीं है, यह यमन का इलाका है, लेकिन ईरान समर्थित हूती विद्रोही इस क्षेत्र में पहले भी हमले कर चुके हैं. घालिबाफ का इशारा साफ है, जरूरत पड़ी तो तेहरान हूतियों के जरिए लाल सागर को पूरी तरह बंद कर सकता है.
  • वैश्विक भुखमरी का हथियार: सिर्फ तेल और एलएनजी का जिक्र नहीं, बल्कि गेहूं, चावल और उर्वरक का विशेष उल्लेख किया गया. इससे विकासशील देशों (खासकर अफ्रीका, एशिया) में खाद्य सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराएगा. हॉर्मुज पहले ही दबाव में है, अब बाब-ए-मंडब बंद होने से दोहरी मार पड़ेगी.
  • कॉर्पोरेट और शिपिंग कंपनियों पर निशाना: “कौन सी कंपनियां सबसे ज्यादा निर्भर हैं?” पूछकर Maersk, MSC जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी गई. मकसद बिना एक गोली चलाए समुद्री बीमा बाजार में घबराहट फैलाना है, ताकि शिपिंग कंपनियां खुद रास्ता बदल लें.

वाशिंगटन और इजराइल को साफ संदेश

ईरान का यह कदम तब आया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान पर दबाव बढ़ा रहे हैं. घालिबाफ का इशारा है — अगर ईरान पर हमले जारी रहे तो प्रॉक्सी फोर्सेज के जरिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर दिया जाएगा. दोनों चोकपॉइंट्स — Hormuz और बाब-ए-मंडब, अब ईरान के प्रभाव क्षेत्र में हैं. हॉर्मुज से तेल निर्यात प्रभावित है, तो बाब-ए-मंडब से खाद्य और उर्वरक की सप्लाई लाइन कट सकती है. इससे यूरोप में ऊर्जा कीमतें और बढ़ सकती हैं. विकासशील देशों में गेहूं-चावल और उर्वरक की कमी से खाद्य संकट गहरा सकता है. वैश्विक शिपिंग रूट्स में देरी और लागत बढ़ेगी, जिसका असर हर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

First published on: Apr 04, 2026 09:39 AM

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About the Author

Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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