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5800 ईसा पूर्व गहरे समुद्र में बनी ये दीवारें आखिर किसने और क्यों बनाई, वैज्ञानिक भी देख कर रह गए दंग

दुनिया में मौजूद समुद्र में कई ऐसे रहस्य छिपे हुए जिन्हें देखने के बाद हर कोई हैरान रह जाता है. एक ऐसा ही रहस्य दुनिया के सामने आया है. बता दें कि फ्रांस के पश्चिमी तट के पास समुद्र के नीचे एक हैरान करने वाली खोज सामने आई है. इस समुद्र में गोताखोरों को इंसान द्वारा बनाई हुई कई संरचाएं मिली हैं.

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दुनिया में मौजूद समुद्र में कई ऐसे रहस्य छिपे हुए जिन्हें देखने के बाद हर कोई हैरान रह जाता है. एक ऐसा ही रहस्य दुनिया के सामने आया है. बता दें कि फ्रांस के पश्चिमी तट के पास समुद्र के नीचे एक हैरान करने वाली खोज सामने आई है. इस समुद्र में गोताखोरों को इंसान द्वारा बनाई हुई कई संरचाएं मिली हैं. इसके अलावा एक लंबी पत्थर की दीवार भी मिली है. जिसे देखकर वैज्ञानिकों का माथा भी चकरा गया है कि आखिर समुद्र के नीचे ये संरचनाएं कैसे और किसने बनाई.

वैज्ञानिकों के मुताबिक ये ढांचे करीब 7 हजार साल पुराने हैं. यह खोज ब्रिटनी इलाके के इल दे सेन द्वीप के पास हुई है. जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी दीवार लगभग 120 मीटर लंबी है और इसके आसपास उसी समय की करीब 12 छोटी संरचनाएं भी पाई गई हैं.

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तो इस तरह से सामने आई ये खोज…

साल 2017 में रिटायर्ड भूवैज्ञानिक इव्स फूके समुद्र की सतह के नीचे बने नक्शों को देख रहे थे. ये नक्शे लेजर तकनीक से तैयार किए गए थे. इन्हीं नक्शों में उन्हें कुछ ऐसी आकृतियां दिखीं जो कुदरती नहीं लगी. जिसके बाद इस जगह पर वैज्ञानिकों की एक टीम ने काम करना शुरू किया और साल 2022 से लेकर 2024 तक गोताखोरों ने कई बार समुद्र में उतरकर इस इलाके की जांच की. जांच के बाद साफ हो गया कि ये ढांचे ग्रेनाइट पत्थरों से बनाए गए हैं और इन्हें इंसानों ने ही बनाया था.

कैसे इतने गहरे समुद्र में सुरक्षित हैं ये संरचनाएं?

गहरे समुद्र में बनी ये संरचनाएं अभी तक सुरक्षित है जो वैज्ञानिकों के लिए भी हैरानी की बात है. वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र का खारा पानी और तेज लहरें आमतौर पर बड़े-बड़े पत्थरों की भी नुकसान पहुंचाती हैं लेकिन ये संरचनाएं इतने लंबे समय तक सुरक्षित हैं. ये हैरानी की बात है.

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वैज्ञानिक भी रह गए दंग

वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ब्रिटनी के पुरातत्व प्रोफेसर इवान पायेर का कहना है कि यह खोज अंडरवॉटर आर्कियोलॉजी के लिए नए रास्ते खोलती है. इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि हजारों साल पहले समुद्र के किनारे रहने वाले लोग किस तरह का जीवन जीते थे.

5300 से 5800 ईसा पूर्व बनी ये संरचनाएं

शोध के मुताबिक ये संरचनाएं करीब 5300 से 5800 ईसा पूर्व के बीच बनाई गई थीं. आज ये समुद्र की सतह से करीब 9 मीटर नीचे हैं. लेकिन जब इन्हें बनाया गया था, तब समुद्र का पानी आज की तुलना में काफी नीचे था. उस दौर में यह इलाका शायद समुद्र का किनारा रहा होगा, जहां लोग रहते और काम करते थे.

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लोगों के किस काम आती होंगी ये दीवारें?

वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दीवारें आमतौर पर लोगों के मछलियां पकड़ने के काम आती होंगी. उनका मानना है कि उस समय के लोग इस दीवार का इस्तेमाल मछलियों को फंसाने के लिए करते होंगे. इसके अलावा एक तथ्य ये भी है कि हो सकता है ये ढांचे समुद्र के तेज बहाव और ऊंची लहरों से खुद को बचाने के लिए बनाए गए होंगे.

First published on: Dec 13, 2025 07:00 PM

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About the Author

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. आप वर्षा सिंह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter), Facebook और LinkedIn पर भी जुड़ सकते हैं. News 24 से पहले वर्षा Jagran New Media, ANI और ETV Bharat (हैदराबाद) में काम कर चुकी हैं. शिकायत और सुझाव के लिए वर्षा स‍िंह से Versha.Singh@bagconvergence.in पर संपर्क क‍िया जा सकता है.

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