China coal mine blast: उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ चांगझी शहर के किनयुआन काउंटी में स्थित 'लियुशेनयु कोयला खदान' (Liushenyu Coal Mine) में शुक्रवार रात अचानक एक भीषण गैस विस्फोट (गैस ब्लास्ट) हो गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक कम से कम 82 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
चीनी सरकारी मीडिया और स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो से मिली जानकारी के मुताबिक, जब यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय खदान के भीतर जमीन के नीचे कुल 247 मजदूर शिफ्ट पर काम कर रहे थे। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बचाव दलों ने तत्परता दिखाते हुए 200 से अधिक खनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी संख्या में रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। टनल के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी बेहद जहरीली गैस का स्तर सीमा से अधिक होने के कारण शुरुआती दौर में बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लापता 9 मजदूरों की तलाश में अभी भी खदान के भीतर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इस बड़े हादसे पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे घायलों के इलाज और लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दें। इसके साथ ही उन्होंने घटना के कारणों की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार खदान प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। चीनी मीडिया के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।
China coal mine blast: उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी औद्योगिक दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ चांगझी शहर के किनयुआन काउंटी में स्थित ‘लियुशेनयु कोयला खदान’ (Liushenyu Coal Mine) में शुक्रवार रात अचानक एक भीषण गैस विस्फोट (गैस ब्लास्ट) हो गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक कम से कम 82 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
चीनी सरकारी मीडिया और स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो से मिली जानकारी के मुताबिक, जब यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय खदान के भीतर जमीन के नीचे कुल 247 मजदूर शिफ्ट पर काम कर रहे थे। धमाका इतना भीषण था कि कई मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बचाव दलों ने तत्परता दिखाते हुए 200 से अधिक खनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी संख्या में रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। टनल के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी बेहद जहरीली गैस का स्तर सीमा से अधिक होने के कारण शुरुआती दौर में बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लापता 9 मजदूरों की तलाश में अभी भी खदान के भीतर युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इस बड़े हादसे पर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे घायलों के इलाज और लापता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दें। इसके साथ ही उन्होंने घटना के कारणों की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार खदान प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। चीनी मीडिया के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।