पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भयानक हादसा हुआ है, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं, जिनके जिंदा होने की उम्मीद नहीं है. एक कोयला खदान में 4000 फीट गहराई में जबरदस्त धमाका हुआ है, जिससे खदान एक हिस्सा ढह गया. हादसे में मारे गए लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं, वहीं जमीन के नीचे इतनी गहराई में फंसे लोगों की तलाश और बचाव के लिए सर्च ऑपरेशन एवं रेस्क्यू ऑपरेशन दोनों जारी हैं.
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सुरांज में दूरदराज इलाके में कोयला खदान
बलूचिस्तान के खान और खनिज विकास मंत्री शोएब नोशेरवानी ने हादसे की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के पास सुरांज में कोयला खदाना हैं, जिसके अंदर धमाका हुआ है. जब धमाका हुआ, तब खदान के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे. जिन मजदूरों की मौत हुई है, वे मलबे के नीचे दब गए थे. जो मजदूर अब अंदर फंसे हुए हैं, जहरीली गैस के कारण उनकी मौत होने की आशंका है, लेकिन सर्च-रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान
नोशेरवानी के अनुसार, शहबाज शरीफ सरकार ने मृतकों और लापता लोगों के प्रति संवेदना जताई है. उन्होंने हादसे की जांच और खनन के लिए किए जा रहे सुरक्षा उपायों की समीक्षा के आदेश दिए हैं, वहीं राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को 5 लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देगी. चीफ इंस्पेक्टर ऑफ माइंस मोहम्मद आतिफ के अनुसार, जमीन के लगभग 4000 फीट (1219 मीटर) गहराई में फंसे लोगों को निकालने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.
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खनना सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर होगा एक्शन
मोहम्मद आतिफ के अनुसार, कोयला खदान में धमाके के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. खदान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की सिफारिश सरकार से करेंगे. पाकिस्तान सेंट्रल माइंस लेबर फेडरेशन ने भी कड़ी कार्रवाई की अपील की है. उन्होंने शहबाज शरीफ सरकार से खनन करते समय मजदूरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों को सख्ती से लागू करने का आग्रह किया है.