Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
Read More---विज्ञापन---
बांग्लादेश में गुरुवार रात एक हिंदू शख्स की भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. लेकिन अब सामने आया है कि दीपू चंद्र दास ने कोई ईशनिंदा नहीं की थी. हत्या के करीब 48 घंटे बाद बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा गया है कि दीपू के खिलाफ किसी भी अपवित्र काम का कोई सबूत नहीं मिला है.
RAB की जांच में यह बात सामने आने के बाद बांग्लादेश की सरकार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. उधर, सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी है कि इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले दास की उम्र 25 साल थी. दीपू चंद्र दास अपना गुजारा करने के लिए एक फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करते थे. शहर के स्क्वायर मास्टरबारी इलाके में यह फैक्ट्री ‘पायनियर निट कंपोजिट’ स्थित है. बांग्लादेशी मीडिया हाउस ‘बार्टा बाजार’ ने स्थानीय और चश्मदीदों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि फैक्ट्री कैंपस और आसपास के इलाकों में ईशनिंदा की अफवाह तेजी से फैल गई थी. इसके बाद वहां तनाव बढ़ गया. फिर गुस्साई भीड़ ने दीपू पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह पीटा. दीपू को इतना पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
यह भी पढ़ें : बांग्लादेश में क्यों हिंदू शख्स दीपू चंद्र को बेरहमी से मार डाला गया? पिता ने बयां की खौफनाक दास्तां
दीपू के पिता रविलाल दास के हवाले से लिखा है कि उनके परिवार को सबसे पहले सोशल मीडिया के जरिए इसका पता चला. रविलाल दास ने बताया, ‘हमने फेसबुक पर देखा. फिर लोगों से सुना कि मेरे बेटे को बहुत बुरी तरह पीटा गया. करीब आधे घंटे बाद मेरे चाचा आए और बताया कि वे मेरे बेटे को ले गए और उसे एक पेड़ से बांध दिया है.’ उन्होंने आगे बताया कि भीड़ ने उनके बेटे पर केरोसिन डालकर आग लगा दी. फिर उसका जला हुआ शरीर छोड़ भीड़ चली गई. जले हुए धड़ और सिर को एक साथ बांध दिया था.
वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में गृहमंत्री का ओहदा रखने वाले रिटायर जनरल जहांगीर आलम चौधरी की कुर्सी पर तलवार लटक रही है. उस्मान हादी को दफनाने के बाद इंकलाब मंच के प्रमुख नेता और हादी के सहयोगी रहे अब्दुल्ला ने कहा था कि इस हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ सप्ताह भर पहले क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट 24 घंटे में आनी चाहिए. वरना उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा.
इसके अलावा हादी के समर्थक छात्रों ने ढाका यूनिवर्सिटी के बंगबंधु हॉल के नाम पर शाहिद उस्मान हादी के नाम का साइनबोर्ड लगा दिया.
न्यूज 24 पर पढ़ें दुनिया, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।