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दुनिया

आर्टेमिस-2… चांद के करीब आज तक जहां कोई नहीं पहुंचा, वहां 4 अंतरिक्ष यात्रियों ने पहुंचकर रचा इतिहास

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने आज इतिहास रच दिया. स्पेस शिप चांद तक पहुंच चुका है और उसमें मौजूद चारों एस्ट्रोनोट्स पृथ्वी से सबसे दूर जाने वाले इंसान बन गए.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Apr 6, 2026 23:51
Artemis II Orion Spacecraft Reaches Moon
Credit: NASA

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का आर्टेमिस-2 मिशन एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच गया है. ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्री सफलतापूर्वक चांद के पास पहुंच चुके हैं और अब उन्होंने इतिहास में पृथ्वी से सबसे दूर जाने का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है. 1972 के बाद पहली बार है जब इंसान चांद के इतने करीब पहुंचा है. खास बात यह है कि यह मिशन चांद पर उतरने के लिए नहीं, बल्कि उसकी परिक्रमा करके वापस पृथ्वी पर लौटने के लिए डिजाइन किया गया है. आर्टेमिस-2 मिशन के चारों एस्ट्रोनॉट्स आज रात 9.41 बजे चांद की ग्रैविटी फील्ड में पहुंचे और 11 बजकर 26 मिनट पर धरती से सबसे दूर जाने वाले इंसान बन गए.

पृथ्वी से सबसे दूर जाने का बना रिकॉर्ड

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये स्पेस शिप पृथ्वी से लगभग 2.5 लाख मील (करीब 4 लाख किलोमीटर) से भी ज्यादा दूरी तक पहुंच सकता है, जो 1970 के अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड को तोड़ देगा. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं-रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच और कनाडा के जेरेमी हैंसन. ये मिशन कई मायनों में खास है, क्योंकि इसमें पहली बार एक महिला और एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री चांद के इतने करीब पहुंचे हैं.

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चांद के ‘डार्क साइड’ की झलक

ओरियन स्पेसक्राफ्ट चांद के उस हिस्से के पास से गुजरेगा जिसे पृथ्वी से कभी सीधे नहीं देखा जा सकता. इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के ‘फार साइड’ की दुर्लभ तस्वीरें लेने का मौका मिलेगा. इसके साथ ही वे एक अद्भुत खगोलीय घटना भी देखेंगे, जब चांद सूर्य को ढक लेगा और अंतरिक्ष में पूर्ण सूर्य ग्रहण जैसा नजारा बनेगा. मिशन का सबसे चुनौतीपूर्ण पल तब आएगा जब स्पेसक्राफ्ट चांद के पीछे जाएगा. इस दौरान करीब 40 मिनट तक पृथ्वी से संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा. ये स्थिति वैज्ञानिकों और मिशन कंट्रोल के लिए बेहद संवेदनशील मानी जाती है. आर्टेमिस-2 मिशन नासा के बड़े लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत आने वाले सालों में इंसानों को फिर से चांद पर उतारा जाएगा और वहां स्थायी बेस बनाने की योजना है. ये मिशन भविष्य के आर्टेमिस-3 और बाकी मिशनों के लिए अहम डेटा जुटाएगा. यह 10 दिन का मिशन है और इसके तहत स्पेसक्राफ्ट चांद के चारों ओर घूमकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लौटेगा.

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First published on: Apr 06, 2026 11:41 PM

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