झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तीन दौर की बैठक हुई. बीते दिन तीसरे दौर की मीटिंग 5 घंटे तक चली, जिसमें छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें सरकार ने मानी ली, लेकिन एक मांग पर पेंच फंस गया और वार्ता फेल हो गई. हेमंत सोरेन सरकार ने 14वीं JPSC-PT परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग मान ली है. वहीं बैठक के बाद JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. 14वीं JPSC परीक्षा में हुई धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी ने मामला दर्ज कर लिया.

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एक मांग पर नहीं बनी सहमति

बता दें कि प्रदर्शनकारी छात्रों और सरकार के बीच JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच कराने की मांग पर सहमति नहीं बन पाई है. उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू कहते हैं कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कराई गई थी. रिजल्ट निकल चुका है और चुने गए अभ्यर्थियों को पोस्टिंग भी मिल गई है, इसलिए एग्जाम को अब रद्द करना संभव नहीं है. लेकिन आरोपों की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाएगी. इसी मांग को लेकर पेंच फंसा है, क्योंकि सरकार अपनी जिद पर अड़ी है और प्रदर्शनकारी छात्र अपनी जिद पर अड़े हैं.

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