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Video: कुंडली में इस एक योग के कारण नर्क जैसा हो जाता है जीवन, पंडित सुरेश पांडेय से जानिए उपाय

Vish Dosha: कुंडली में कई शुभ-अशुभ योग बनते हैं. इसके कारण जीवन पर असर देखने को मिलता है. कुंडली में बन रहे अशुभ योग के कारण जीवन नर्क जैसा हो जाता है. आइये इस अशुभ योग और इसके उपाय के बारे में पंडित सुरेश पांडेय से विस्तार से जानते हैं.

हाइलाइट्स News24 AI द्वारा निर्मित • संपादकीय टीम द्वारा जांचा गया

विष योग के मुख्य बिंदु

विष योग तब बनता है जब जन्म कुंडली में चंद्रमा शनि के साथ युति करता है या चंद्रमा तीसरे और सातवें भाव में होता है।

यह योग व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार और भय पैदा करता है, जिससे जीवन में परेशानियां बढ़ जाती हैं।

यदि चंद्रमा और शनि 10 डिग्री से कम की दूरी पर हों, तो विष योग अधिक प्रभावी होता है, खासकर 8वें, 6वें, 12वें और लग्न भाव में।

विष योग के निवारण के उपाय

विष योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के "ॐ जूं सः" मंत्र का जाप, शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, और शनि मंदिर में गुड़, रेवड़ी व तिल के लड्डू का भोग लगाना चाहिए।

Photo Credit- News24GFX
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Vish Yoga: कुंडली में विष योग का बनना बहुत ही अशुभ माना जाता है. इसके कारण जीवन में परेशानियां बढ़ जाती है. अगर जन्म कुंडली में चंद्रमा शनि के साथ युति करें या कुंडली में चंद्रमा तृतीय और सप्तम भाव में हो, तो इसके कारण विष योग बनता है. चंद्रमा की शनि की युति विष योग का कारण बनती है. विष योग के कारण मन पर नकारात्मक विचार आने लगते हैं. इसके कारण मन नकारात्मक विचारों से ढक जाता है. इसके कारण व्यक्ति शुभ समय में भी अशुभ की ही कल्पना करता है.

विष योग

जीवन में कितना भी शुभ हो व्यक्ति परेशान रहता है. मानसिक तौर पर व्यक्ति परेशान रहता है. ऐसे लोगों को सुख छिन जाने का भय होता है. इन लोगों का जीवन भय में बीतता है. नकारात्मक विचार के कारण जीवन नर्क जैसा बन जाता है. अपने भविष्य को लेकर, परिवार को लेकर और जीवन को लेकर मन में नकारात्मक विचार आना विष योग के कारण होता है. अगर कुंडली में चंद्रमा और शनि दोनों ग्रह 10 डिग्री से कम की दूरी पर होते हैं, तो विष योग अधिक प्रभावी होता है. कुंडली के 8वें, 6वें, 12वें और लग्न भाव में यह अधिक प्रभावी होता है.

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विष योग को दूर करने के उपाय

विष योग से परेशान हैं, तो आपको इसे दूर करने के लिए भगवान शिव के “ॐ जूं सः” मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र के जाप से लाभ मिलेगा. विष योग को दूर करने के लिए शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. ऐसा करने से आपको लाभ मिलेगा. इसके साथ ही गुड़, रेवड़ी और तिल के लड्डू को शनि मंदिर में भोग लगाना चाहिए. विष योग से राहत के लिए श्रीमदभागवत और श्रीहरिवंश पुराण का पाठ करना चाहिए. यह शुभ माना जाता है. आपको माथे पर चंदन का तिलक लगाना चाहिए. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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First published on: Jun 26, 2026 06:26 PM

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About the Author

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. धर्म-ज्योतिष में अमन अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लिखते हैं. अमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ भीम राव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया है. अमन पिछले 5 सालों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं. अमन ने अपने करियर की शुरुआत जी मीडिया डीएनए हिंदी से की थी. डीएनए हिंदी में ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर जुड़ें. इसके बाद डीएनए हिंदी में सब-एडिटर के पद पर काम किया. यहां धर्म और ज्योतिष की बीट पर काम किया. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501

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