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12 घंटे में दिल्ली से मुंबई… क्या है इंडियन रेलवे का मिशन रफ्तार? 160 की स्पीड से ट्रेन दौड़ाने की तैयारी

Indian Railways Mission Raftaar: दिल्ली-मुंबई भारत के सबसे बिजी रेल रूट में एक है, ऐसे में इस रेल मार्ग पर ट्रेन की डिमांड काफी ज्यादा रहती है, साथ ही ट्रैवल टाइम कम होना एक बड़ी प्रायोरिटी है. इंडियन रेलवे इसके लिए 'मिशन रफ्तार' पर काम कर रहा है.

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Delhi To Mumbai In 12 Hours: इंडियन रेलवे दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेन का सफर तेज बनाने के लिए काम कर रही है. ‘मिशन रफ्तार’ के तहत, नई दिल्ली-मुंबई रेलवे रूट को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेनें 160 किलोमीटर तक की रफ्तार से चल सकें. रेलवे अधिकारी दोनों शहरों के बीच सफर के समय को 12 घंटे के करीब लाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं.

तेजी से चल रहा है काम

इसे मुमकिन बनाने के लिए रूट पर कई काम किए जा रहे हैं. इनमें पावर सप्लाई सिस्टम, ओवरहेड वायर, सिग्नलिंग, रेलवे यार्ड और तेज रफ्तार से सुरक्षित ट्रेन चलाने के लिए जरूरी दूसरे इक्विपमेंट में बदलाव शामिल हैं. हाल ही में आगरा डिवीजन में एक नया डेवलपमेंट हुआ. 7 सितंबर को एक नया 2×25 kV छाता ट्रैक्शन सबस्टेशन (TSS) चालू किया गया. ये फैसिलिटी दिल्ली-मुंबई रूट के पलवल-मथुरा सेक्शन पर किए जा रहे काम का हिस्सा है.

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इस सेक्शन में अपग्रेडेशन

पलवल-मथुरा सेक्शन 84 रूट किलोमीटर और लगभग 336 ट्रैक किलोमीटर में फैला है. इस सेक्शन को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेनें तेज रफ्तार से चल सकें. इस काम में ओवरहेड इक्विपमेंट में बदलाव, सुपर मास्ट और ऑक्सिलरी अर्थ कंडक्टर (AEC) लगाना और पावर सप्लाई सिस्टम को अपग्रेड करना शामिल है.

सिग्नलिंग का काम भी जारी

रेलवे सिग्नलिंग और टेलीकॉम का काम भी कर रही है. रेलवे यार्ड में बदलाव किए जा रहे हैं और दूसरे सिविल और मैकेनिकल काम भी हो रहे हैं. मथुरा-भूतेश्वर सेक्शन पर भी काम चल रहा है. अधिकारी अभी एईसी लगाने, मास्ट लगाने और स्टेशनों के आस-पास का काम पूरा करने में लगे हैं.

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बिजली सप्लाई की व्यवस्था

नया छाता टीएसएस अपग्रेड किए गए रेलवे सेक्शन को बिजली देगा. जिन दूसरी पावर सुविधाओं को पहले ही चालू किया जा चुका है, उनमें कोसीकलां एसपी, मथुरा एसपी और शोलाका एसएसपी शामिल हैं. कई दूसरी जगहों पर भी काम जारी है. वृंदावन एसएसपी फाइनल टेस्टिंग स्टेज में है, जबकि कोटवन एसएसपी की फाइनल टेस्टिंग 15 सितंबर तक होने की उम्मीद है.

इन फैसिलिटीज को चालू करने का प्लान

होडल और अझई फैसिलिटीज को सितंबर में चालू करने की योजना है. RDE TSS के 25 सितंबर तक तैयार होने की उम्मीद है. रुंधी TSS और उसकी ट्रांसमिशन लाइन को अक्टूबर में पावर ग्रिड से जोड़ने का प्लान है. रेलवे SCADA नाम के एक सिस्टम पर भी काम कर रही है, जिससे अधिकारी आगरा कंट्रोल हब से दूर से ही रेलवे पावर सप्लाई को मॉनिटर और कंट्रोल कर सकेंगे.

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यार्ड भी हो रहा अपग्रेड

मथुरा और भूतेश्वर रेलवे यार्ड को भी अपग्रेड किया जा रहा है. इस काम के दूसरे स्टेज में एक नई ‘अप लाइन’ और चौथी लाइन बनाना शामिल है. भूतेश्वर यार्ड में ट्रैक को जोड़ने और बदलने का काम भी किया जा रहा है. नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक, रेलवे के अलग-अलग विभाग इस प्रोजेक्ट पर मिलकर काम कर रहे हैं. रेलवे ने मेन कामों को पूरा करने के लिए 30 सितंबर 2026 की डेडलाइन तय की है.

First published on: Sep 14, 2026 08:12 PM

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