मुख्य बिंदु
- 3,215 रेलवे स्टेशनों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं.
- 13,409 पैसेंजर कोच अब सर्विलांस सिस्टम से लैस हैं.
- सभी चालू वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों में CCTV कवरेज है.
- AI-पावर्ड कैमरे घुसपैठ, और गिरे हुए लोगों का पता लगा सकते हैं.
- 2023 और जून 2026 के बीच सुरक्षा से जुड़ी 9,840 घटनाएं सामने आईं.
Indian Railways Expands CCTV Network: भारतीय रेलवे ने देश भर के 3,215 रेलवे स्टेशनों और 13,409 पैसेंजर कोच में CCTV सर्विलांस सिस्टम लगाकर यात्रियों की सुरक्षा के उपायों को काफी मजबूत किया है. ये पहल सिक्योरिटी को मॉडर्न बनाने के एक देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मकसद सर्विलांस में सुधार करना, क्राइम रोकना और ट्रैवल एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाना है.
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बेहतर सर्विलांस सिस्टम
राज्यसभा में जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूरे रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी सिस्टम लगाने का काम कई स्टेजेज में किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके स्टेशनों, ट्रेनों के अंदर और रेलवे के दूसरे परिसरों में सर्विलांस को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है.
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एआई बेस्ड टेक्नोलॉजी
रेल मंत्री के मुताबिक, सभी ऑपरेशनल वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत ट्रेनों के रेक में पहले ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं. रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए सर्विलांस सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-बेस्ड वीडियो एनालिटिक्स से लैस हैं, जो घुसपैठ का पता लगाने, बिना वजह घूमने-फिरने वालों की पहचान करने और प्लेटफॉर्म या रेलवे कैंपस में गिरने वाले यात्रियों की पहचान करने जैसी सुविधाएं देते हैं.
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किस जोन में सबसे ज्यादा कैमरे
रेलवे जोन में, नॉर्दर्न रेलवे में सबसे ज्यादा 425 CCTV-इनेबल्ड स्टेशन हैं, इसके बाद वेस्टर्न रेलवे में 391 और ईस्टर्न रेलवे में 271 स्टेशन हैं. CCTV कैमरों से लैस पैसेंजर कोच के मामले में वेस्टर्न रेलवे 1,735 कोच के साथ सबसे आगे है, जबकि नॉर्दर्न रेलवे और सदर्न रेलवे क्रमशः 1,483 और 1,481 कोच के साथ उसके बाद आते हैं.
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यात्रियों की होगी सुरक्षा!
रेल मंत्रालय ने ये भी बताया कि CCTV लगाने की प्रक्रिया जारी है और पूरे नेटवर्क में इसका विस्तार होता रहेगा. 2023 और जून 2026 के बीच, एआई-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम ने सुरक्षा से जुड़ी 9,840 घटनाओं का पता लगाने में मदद की, जो रेलवे सेफ्टी में स्मार्ट टेक्नोलॉजी की बढ़ते रोल को दिखाता है. इंटेलिजेंट सर्विलांस सिस्टम के लगातार इस्तेमाल से, भारतीय रेलवे का मकसद यात्रियों की सुरक्षा को बेहतर बनाना, इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत करना और हर दिन लाखों यात्रियों के लिए ट्रैवल का एक सिक्योर माहौल बनाना है.
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निष्कर्ष
सीसीटीवी सर्विलांस का विस्तार ये दिखाता है कि भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीक के जरिए यात्रियों की सुरक्षा बेहतर करने पर लगातार ध्यान दे रही है. AI-पावर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम अधिकारियों को घटनाओं का पता ज्यादा एफिशिएंसी से लगाने में मदद कर रहे हैं, साथ ही स्टेशंस और ट्रेनों के अंदर सिक्योरिटी भी बढ़ा रहे हैं. जैसे-जैसे इंस्टॉलेशन का काम आगे बढ़ेगा, उम्मीद है कि और ज्यादा रेलवे स्टेशनों और कोचेज में एडवांस्ड सर्विलांस फैसिलिटी मिलेंगी. तकनीक पर आधारित ये तरीका सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करेगा, इमरजेंसी रिस्पॉन्स को बेहतर बनाएगा और पैसेंजर्स को ज्यादा सेफ और सिक्योर ट्रैवल एक्सपीरिएंस देगा.