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5 घंटे के अंदर दिल्ली से पटना, बुलेट ट्रेन से घट जाएगा ट्रैवल टाइम, जानिए इस हाई स्पीड रेल का पूरा रूट

Delhi To Patna Under 5 Hours: दिल्ली और पटना का रेल रूट काफी बिजी रहता है, यहां ट्रेनों में सीट मिलना काफी मुश्किल होता है, साथ ही सफर में काफी वक्त भी लगता है, लेकिन प्रोजेक्ट बुलेट टेन पूरा होने पर ट्रैवल टाइम में काफी कमी आ सकती है. आइए इस हाई स्पीड रेल की पूरी डिटेल जानने की कोशिश करते हैं.

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मुख्य बिंदु

  • बुलेट ट्रेन से पटना-दिल्ली के बीच ट्रैवल टाइम तकरीबन 4 घंटे 41 मिनट तक कम हो सकता है.
  • ये हाई स्पीड रेड कॉरिडोर दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना को जोड़ेगा.
  • सरकार की तरफ से सिलीगुड़ी तक इसे आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है.
  • बिहार को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल रहा है.
  • तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने से तकरीबन 200 और ट्रेनें चल सकेंगी.

Delhi-Patna Bullet Train: दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, देश की राजधानी और बिहार के बीच ट्रैवल टाइम को काफी कम करके उत्तर और पूर्वी भारत में रेल यात्रा को बदल सकता है. हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग और डेवलपमेंट के स्टेज में है, लेकिन केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि इसे भारत के बढ़ते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के हिस्से के तौर पर चरणों में लागू किया जाएगा. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एक बार कॉरिडोर चालू हो जाने के बाद, पटना और दिल्ली के बीच सफर करने वाले मुसाफिर तकरीबन 4 घंटे 41 मिनट में अपनी जर्नी पूरी कर सकेंगे. फ्यूचर में, कुछ नॉन-स्टॉप सर्विस ट्रैवल टाइम को चार घंटे से भी कम कर सकती हैं.

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अभी ट्रेन का ट्रैवल टाइम क्या है?

अभी नॉर्मल ट्रेनों को इतनी ही दूरी तय करने में तकरीबन 12 से 16 घंटे लगते हैं. प्रपोज्ड हाई-स्पीड रेल सर्विस से बिजनेस प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स, टूरिस्ट और रोजाना सफर करने वालों के लिए तेज और ज्यादा कंफर्टेबल जर्नी का ऑप्शन मिलने की उम्मीद है, साथ ही अहम शहरों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी. प्रपोज्ड रूट के मुताबिक, बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली को लखनऊ, वाराणसी और पटना से जोड़ेगा. रेलवे अधिकारियों ने भविष्य में इस रूट को सिलीगुड़ी तक बढ़ाने की संभावना पर भी चर्चा की है, जिससे पूर्वी भारत में रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.

पुराने तजुर्बे से सबक

सरकार भविष्य के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को डिजाइन और लागू करते समय मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से मिली तकनीकी जानकारी और ऑपरेशनल अनुभव का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है. अधिकारियों का मानना ​​है कि इस तरीके से कंस्ट्रक्शन की क्षमता और प्रोजेक्ट को लागू करने में मदद मिलेगी.

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यह भी पढ़ें- पटना के लोगों के लिए खुशखबरी, शहर में दोगुना हुआ मेट्रो का विस्तार, जानिए नए स्टेशंस के नाम

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

प्रपोज्ड बुलेट ट्रेन के अलावा, रेल मंत्रालय बिहार के आम रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार कर रहा है. राज्य भर में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन से जुड़े कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. इनके पूरा होने पर, लगभग 200 और ट्रेनों के चलने, बिजी रूट पर भीड़ कम होने और पैसेंजर्स के लिए सर्विस बेहतर होने की उम्मीद है. माल ढुलाई की क्षमता में भी काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है.

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1.15 लाख करोड़ का निवेश

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बिहार में अभी कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये का रेलवे इंवेस्टमेंट हो रहा है. इसके अलावा, पटना के हार्डिंग पार्क इलाके में 5 नए प्लेटफॉर्म वाला एक बड़ा स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट चल रहा है. इस पहल से पटना जंक्शन पर बोझ कम होने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है.

निष्कर्ष

प्रपोज्ड दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत के रेलवे नेटवर्क को मॉडर्न बनाने और पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हालांकि ये प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग के स्टेज में है, लेकिन इससे यात्रियों के लिए यात्रा का समय काफी कम होने और बेहतर ट्रांसपोर्ट ऑप्शन मिलने की उम्मीद है. बिहार में चल रहे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और स्टेशन रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के साथ मिलकर, ये पहल क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत कर सकती है, यात्रियों की सुविधा बढ़ा सकती है और भारत के हाई-स्पीड रेल सिस्टम के लंबे समय के विस्तार में मदद कर सकती है.

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Frequently Asked Questions

प्रपोज्ड बुलेट ट्रेन से यह यात्रा लगभग 4 घंटे 41 मिनट में पूरी होने की उम्मीद है, और भविष्य में कुछ नॉन-स्टॉप सर्विस में चार घंटे से भी कम समय लग सकता है.
प्लान किया गया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना को जोड़ेगा.
ये प्रोजेक्ट अभी प्लानिंग और डेवलपमेंट के चरण में है और इसे चरणों में लागू किए जाने की उम्मीद है.
रेल मंत्रालय अतिरिक्त तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बना रहा है, स्टेशनों का रीडेवलपमेंट कर रहा है और अलग-अलग रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है.
इस कॉरिडोर से यात्रा का समय कम होने, कनेक्टिविटी बेहतर होने, भीड़ कम होने, यात्रियों की सुविधा बढ़ने और बिजनेस, शिक्षा, टूरिज्म और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
First published on: Jul 03, 2026 05:30 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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