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चुनाव लड़ने के लिए बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा उठा रहे हैं हुमायूं कबीर, मुगल की आखिरी वंशज का दावा

देश के मुसलमानों को यह आगाह करते हुए कहा कि बाबर और बाबरी मस्जिद के लिए या फिर मुगलों के लिए किसी के दिल में कोई प्यार नहीं है. वह ऐसे लोगों से बचकर रहें जो बाबर और बाबरी मस्जिद और मुगलों के नाम पर उनको बहका रहे हैं.

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(अमर देव पासवान)

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रह रहीं मुगल की आखिरी वंशज सुल्ताना बेगम ने मुर्शिदाबाद के रेजिनगर स्थित बेल डांगा मे रखी गई बाबरी मस्जिद की नींव को लेकर आखिरकार 17 दिनों बाद उन्होंने अपना मुंह खोला है और बाबरी मस्जिद के नींव रखने वाले तृणमूल से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर के ऊपर जमकर हमला बोला है. उन्होंने यह कहा कि जब 1992 में बाबरी मस्जिद शहीद की जा रही थी तब यह मुसलमान भाई कहां थे?

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इसके अलावा उन्होंने देश के मुसलमानों को यह आगाह करते हुए कहा कि बाबर और बाबरी मस्जिद के लिए या फिर मुगलों के लिए किसी के दिल में कोई प्यार नहीं है. वह ऐसे लोगों से बचकर रहें जो बाबर और बाबरी मस्जिद और मुगलों के नाम पर उनको बहका रहे हैं, उनको फुसला रहे हैं, इन सब के पीछे कुछ लोगों की राजनीती है. अगले वर्ष चुनाव है, जिस चुनाव के मद्देनजर चुनाव में खर्च करने के लिए पैसों की जरूरत होगी, जिस जरूरत को पूरा करने के लिए मुगलों के सर पर कटहल फोड़ा जा रहा है.

उस वक्त यह मुसलमान कहां थे, जब बाबरी मस्जिद शहीद की जा रही थी. उस समय इनको बाबर या फिर मुगलों के लिए प्यार नहीं आया, अब अचानक से यह प्यार कैसे उमड़ रहा है? उन्होंने कहा बाबर उनके पूर्वज थे, ऐसे में अगर उनके नाम से हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद बना रहे हैं, तो उनको इस विषय मे उनसे बातचीत करनी चाहिए थी. उनकी भी राय लेनी चाहिए थी लेकिन हुमायूं कबीर ने ऐसा कुछ नहीं किया. ना तो उनसे कोई बातचीत की और ना ही उनसे बाबर के नाम से मस्जिद बनाने के लिए कोई राय या सलाह ही लिया.

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यहां तक कि उन्होंने बाबरी मस्जिद की नींव रखने के दौरान उनको निमंत्रण तक नहीं दिया. इससे यह साफ है कि हुमायूं कबीर राजनितिक मंसा से बाबर के नाम से बाबरी मस्जिद बनवा रहे हैं, साथ में उनके नाम से करोड़ों रुपए चंदा भी ले रहे हैं. सुल्ताना बेगम ने कहा की वह पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार हैं.

First published on: Dec 24, 2025 07:44 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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