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‘अपना रंग-ढंग ठीक कर लो…’, उत्तराखंड में DM पर भड़के मंत्री, हाथ जोड़कर निकले जिलाधिकारी

उत्तराखंड में इस समय बारिश के कारण हर तरफ तबाही मची हुई है. हर तरफ बाढ़ और पहाड़ के गिरने की खबरें आ रही हैं. प्रशासन ने भी लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराने की बात कही है. इसी बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और देहरादून के जिलाधिकारी साविन बंसल के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जो उनके बीच के टकराव को साफ दिखा रही है.

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उत्तराखंड में इस समय बारिश के कारण हर तरफ तबाही मची हुई है. हर तरफ बाढ़ और पहाड़ के गिरने की खबरें आ रही हैं. प्रशासन ने भी लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराने की बात कही है. इसी बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और देहरादून के जिलाधिकारी साविन बंसल के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जो उनके बीच के टकराव को साफ दिखा रही है.

कैसे शुरू हुई दोनों के बीच बहस?

मिली जानकारी के अनुसार ये मामला उस समय शुरू हुआ जब मंत्री गणेश जोशी ने आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए देहरादून जिले के डीएम साविन बंसल को कई बार फोन किया लेकिन उनका फोन नहीं उठा. इसके बाद जब मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी से संपर्क किया तब डीएम ने उनका फोन उठाया. जिसके बाद जब दोनों का आमना-सामना हुआ तो मंत्री ने मौके पर ही डीएम से सवाल किया जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

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तुम मेरा फोन नहीं उठाते हो- मंत्री गणेश

दोनों का आमना-सामना होने पर मंत्री ने डीएम से कहा- ‘रंग-ढंग ठीक कर दे अपना’. इस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूछा कि ‘क्या हुआ’ तो मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ‘रात को मुख्य सचिव ने फोन उठा लिया, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर ने फोन उठा लिया. एसडीएम ने फोन उठा लिया, लेकिन जब मैंने सुबह मुख्यमंत्री के यहां फोन किया, तब साहब ने फोन उठाया’. इसके बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंत्री गणेश जोशी को नमस्ते किया और बिना कुछ कहे वहां से चले गए.

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भापजा ने भी दी प्रतिक्रिया

इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी का भी पक्ष सामने आया है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा है कि जनप्रतिनिधि जनता का चुना हुआ व्यक्ति होता है और जनता के प्रति जवाबदेही होता है. ऐसे में अगर वह किसी अधिकारी से किसी विषय पर बात करना चाहता है तो अधिकारी को बात करनी चाहिए अगर अधिकारी जनप्रतिनिधि की बात को नहीं सुनते हैं तो ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. चाहे वह कोई भी हो जनप्रतिनिधि का सम्मान होना बेहद जरूरी है.

First published on: Sep 17, 2025 10:41 PM

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