नोएडा की हाउसिंग सोसायटी को प्राधिकरण का अंतिम नोटिस, एक महीने में कराना होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट

Noida News: नोएडा के सेक्टर-78 स्थित जीएस प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड (सिक्का हाउस) के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अंतिम नोटिस जारी किया है. यह नोटिस स्ट्रक्चरल ऑडिट न कराए जाने और निवासियों की ओर से उठाए गए गंभीर सुरक्षा व बुनियादी समस्याओं के समाधान में बिल्डर की लापरवाही को लेकर जारी किया गया है.

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नोएडा प्राधिकरण।

Noida News: नोएडा के सेक्टर-78 स्थित जीएस प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड (सिक्का हाउस) के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अंतिम नोटिस जारी किया है. यह नोटिस स्ट्रक्चरल ऑडिट न कराए जाने और निवासियों की ओर से उठाए गए गंभीर सुरक्षा व बुनियादी समस्याओं के समाधान में बिल्डर की लापरवाही को लेकर जारी किया गया है.

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स्ट्रक्चरल ऑडिट नहीं कराया

नोएडा प्राधिकरण के नियोजन विभाग की जांच में पता चला है कि बिल्डर को पूर्व में शिकायतों के मद्देनजर कई बार निर्देश दिए गए थे कि वह पैनल में शामिल अधिकृत कंपनियों में से किसी एक से बहुमंजिला इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराए और रिपोर्ट सौंपे. बार-बार याद दिलाने के बावजूद बिल्डर न तो ऑडिट करा सका और न ही प्राधिकरण को कोई लिखित उत्तर भेजा.

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शिकायत के बाद हुआ था निरीक्षण

18 जून को नोएडा प्राधिकरण को एक पत्र प्राप्त हुआ था जिसमें बेसमेंट में पानी के रिसाव, लिफ्ट में खराबी, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण, पार्किंग के आवंटन में गड़बड़ी और व्यावसायिक ब्लॉक में बैंक की स्थापना जैसे मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया गया था. इन शिकायतों की पुष्टि के लिए नियोजन विभाग के महाप्रबंधक इश्तियाक अहमद के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर भेजा गया. टीम ने मौके पर जाकर पाया कि अधिकांश शिकायतें सही है। इसके बाद बिल्डर को तत्काल नोटिस जारी कर स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई.

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प्राधिकरण ने दिखाई सख्ती

बिल्डर की लगातार उदासीनता और टालमटोल को देखते हुए अब नोएडा प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है. अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल ने स्पष्ट किया कि बिल्डर को निर्देशित किया गया है कि वह 15 दिनों के भीतर शिकायतों पर स्पष्टीकरण दे। एक महीने के अंदर स्ट्रक्चरल ऑडिट कराकर रिपोर्ट जमा करे. यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो प्राधिकरण विधिक कार्रवाई करेगा.

अप्रिय घटना पर प्राधिकरण नहीं होगा जिम्मेदार

प्राधिकरण ने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इमारत की जर्जर स्थिति के कारण कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिल्डर की होगी. प्राधिकरण इस संबंध में किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा.

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