उत्तराखंड के देहरादून में खेत में ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई को लेकर विवाद में युवक की हत्या कर दी गई थी। वारदात के विरोध में विकासनगर में 2 गुट आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों गुटों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव किया। एक गुट के लोगों ने आरोपी के घर को आग लगा दी और बुल्डोजर से पूरे घर में तोड़-फोड़ की। विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे तक जाम कर दिया। भीड़ इतने गुस्से में है कि विकासनगर में तनाव चरम पर है।
गुस्साई भीड़ की पुलिस को दूर रहने की चेतावनी
विकासनगर में तनाव का माहौल देखते हुए पूरे देहरादून में इंटरनेट सस्पेंड कर दिया गया है। भारी पुलिसबल तैनात करके विकासनगर को छावनी बना दिया गया है। भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन गुस्साई भीड़ ने पुलिसवालों को उनके आपसी झगड़े से दूर रहने की चेतावनी दे दी है। पथराव में 3 लोग घायल हुए, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके धरपकड़ शुरू कर दी है।
पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने के आरोप
विकासनगर निवासियों ने पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि विनोद, राजेश और अशोक का पूर्व प्रधान इस्तिपाक के भतीजे इम्तियाज से सिंचाई के पानी को लेकर झगड़ा हुआ। फिर रज्जाक, अमन, यूनूस, अनीस समेत 20-25 लोगों ने तीनों पर धारदार हथियारों और हथौड़े से हमला किया। बुरी तरह से घायल विनोद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने हमले का CCTV वीडियो देखने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की।
कार्रवाई तक विनोद का अंतिम संस्कार नहीं होगा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वारदात के बाद भी आरोपी सरेआम खुले में घूम रहे हैं। विनोद का तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा, जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता और आरोपियों के घर पर बुल्डोजर नहीं चलाया है। विवाद बढ़ता देखकर पुलिस ने 12 आरोपियों को नामजद करके कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े और आरोपियों के एनकाउंटर के साथ बुल्डोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं।
उत्तराखंड के देहरादून में खेत में ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई को लेकर विवाद में युवक की हत्या कर दी गई थी। वारदात के विरोध में विकासनगर में 2 गुट आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों गुटों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव किया। एक गुट के लोगों ने आरोपी के घर को आग लगा दी और बुल्डोजर से पूरे घर में तोड़-फोड़ की। विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे तक जाम कर दिया। भीड़ इतने गुस्से में है कि विकासनगर में तनाव चरम पर है।
गुस्साई भीड़ की पुलिस को दूर रहने की चेतावनी
विकासनगर में तनाव का माहौल देखते हुए पूरे देहरादून में इंटरनेट सस्पेंड कर दिया गया है। भारी पुलिसबल तैनात करके विकासनगर को छावनी बना दिया गया है। भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लेकिन गुस्साई भीड़ ने पुलिसवालों को उनके आपसी झगड़े से दूर रहने की चेतावनी दे दी है। पथराव में 3 लोग घायल हुए, जिन्हें पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके धरपकड़ शुरू कर दी है।
पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने के आरोप
विकासनगर निवासियों ने पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि विनोद, राजेश और अशोक का पूर्व प्रधान इस्तिपाक के भतीजे इम्तियाज से सिंचाई के पानी को लेकर झगड़ा हुआ। फिर रज्जाक, अमन, यूनूस, अनीस समेत 20-25 लोगों ने तीनों पर धारदार हथियारों और हथौड़े से हमला किया। बुरी तरह से घायल विनोद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने हमले का CCTV वीडियो देखने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की।
कार्रवाई तक विनोद का अंतिम संस्कार नहीं होगा
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वारदात के बाद भी आरोपी सरेआम खुले में घूम रहे हैं। विनोद का तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा, जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता और आरोपियों के घर पर बुल्डोजर नहीं चलाया है। विवाद बढ़ता देखकर पुलिस ने 12 आरोपियों को नामजद करके कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी जिद पर अड़े और आरोपियों के एनकाउंटर के साथ बुल्डोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं।