UP Largest Metro Station: कहां बना यूपी का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन? जमीन से 25 मीटर नीचे है मौजूद, खूबियां जानकर रह जाएंगे हैरान

Largest Metro Station: उत्तर प्रदेश में एक सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन बनाया गया है. जमीन से 25 मीटर नीचे बना यह विशाल स्टेशन अपनी अनोखी तकनीक और सुविधाओं से लोगों को चौंका रहा है.

UP Largest Metro Station meerut

यूपी का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन कहां है?

UP Largest Metro Station: उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक जिलों वाला राज्य है जहां कुल 75 जिले हैं और इसका क्षेत्रफल करीब 2.40 लाख वर्ग किलोमीटर से अधिक है. इतने बड़े राज्य में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़क, रेल और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में यूपी के लखनऊ, कानपुर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आगरा जैसे कई बड़े शहरों में मेट्रो सेवाएं शुरू हुई हैं जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान हुई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और अनोखा मेट्रो स्टेशन कौन सा है. यह स्टेशन मेरठ में स्थित बेगमपुल मेट्रो स्टेशन है जो अपनी शानदार लंबाई, गहराई और आधुनिक सुविधाओं के कारण पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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हाइब्रिड सिस्टम के साथ लोकल मेट्रो और रैपिड रेल का संगम

मेरठ का यह मेट्रो नेटवर्क अन्य शहरों से थोड़ा अलग माना जाता है क्योंकि यहां लोकल मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल दोनों सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है. इसी वजह से मेरठ के व्यस्त व्यावसायिक इलाके में बने बेगमपुल स्टेशन को एक हाइब्रिड मेट्रो स्टेशन के रूप में पहचान मिली है. इस स्टेशन की कुल लंबाई करीब 250 मीटर रखी गई है जो सामान्य मेट्रो स्टेशनों की तुलना में काफी अधिक है. चूंकि यह स्टेशन शहर के प्रमुख बाजार और कमर्शियल क्षेत्रों के बीच बनाया गया है, इसलिए भविष्य की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यहां कई एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स बनाए गए हैं ताकि अलग-अलग रास्तों से आने वाले यात्रियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो.

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थ्री-लेवल डिजाइन और जमीन से 25 मीटर नीचे प्लेटफॉर्म

बेगमपुल मेट्रो स्टेशन केवल लंबाई ही नहीं बल्कि गहराई के मामले में भी एक बड़ा रिकॉर्ड बना रहा है. यह पूरा स्टेशन जमीन से करीब 25 मीटर नीचे अंडरग्राउंड बनाया गया है जिससे यह यूपी के सबसे गहरे स्टेशनों में शामिल हो गया है. इस स्टेशन को थ्री-लेवल यानी तीन स्तरों वाले बेहतरीन डिजाइन के साथ तैयार किया गया है. इसके पहले स्तर पर टिकट काउंटर, सुरक्षा जांच और मुख्य प्रवेश क्षेत्र बनाया गया है जबकि दूसरे स्तर को कौनकोर्स लेवल कहा जाता है जहां से यात्री प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ते हैं. वहीं इसके सबसे निचले यानी तीसरे स्तर पर मुख्य प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक बनाए गए हैं. इस मल्टी-लेवल बनावट से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना बेहद आसान हो जाएगा.

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180 की रफ्तार वाली ट्रेनों के लिए बना है विशाल प्लेटफॉर्म

इस हाइब्रिड स्टेशन पर लोकल मेट्रो के साथ-साथ आरआरटीएस यानी रैपिड रेल सेवा का भी संचालन होना है. रैपिड रेल को देश की सबसे हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन प्रणाली माना जाता है जिसकी ट्रेनें लगभग 180 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से दौड़ सकती हैं. इसी तेज रफ्तार ट्रेन की जरूरतों को पूरा करने के लिए बेगमपुल स्टेशन का प्लेटफॉर्म अन्य सामान्य मेट्रो स्टेशनों के मुकाबले काफी बड़ा और चौड़ा बनाया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए इस गहरे अंडरग्राउंड प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए कई आधुनिक लिफ्ट, एस्केलेटर और डिजिटल सूचना बोर्ड लगाए गए हैं. अपनी इन सभी बेमिसाल खूबियों के कारण बेगमपुल मेट्रो स्टेशन उत्तर प्रदेश के सबसे आधुनिक और बड़े मेट्रो स्टेशन के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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