फंगस, चूहे, गंदगी… नोएडा के 13 फास्ट फूड कोर्ट के लाइसेंस होंगे रद्द, UP में 233 रेस्टोरेंट के खिलाफ FDA का एक्शन

उत्तर प्रदेश में नोएडा, लखनऊ और गोरखपुर में छापेमारी करके FDA ने अनियमितताएं पकड़ी और कड़ा एक्शन लिया. नोएडा के 13, लखनऊ के 78 और गोरखपुर के 84 फास्ट फूड कार्ट, स्टॉल और रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं. नोटिस अलग से जारी किए गए हैं.

Food Safety Inspection | FDA Action | Noida UP

उत्तर प्रदेश में फूड सेफ्टी को लेकर सरकार की ओर से सख्ती बरती जा रही है. (Credit- AI)

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) ने 233 फास्ट फूड कार्ट, स्टॉल और रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें नोएडा के 13, लखनऊ के 78 और गोरखपुर के 84 फूड आउटलेट्स शामिल हैं. छापेमारी में जांच करते समय इनकी रसोइयों में फंगस, चूहे, गंदगी, एक्सपायर्ड नॉनवेज और अन्य अनियमितताएं पाई गईं. कुल 152 टीमों ने जांच की और 163 नोटिस जारी करके सुधार करने की चेतावनी दी. वहीं जिन आउटलेट्स में ज्यादा गंभीर गड़बड़ियां मिलीं, उनके लाइसेंस मौके पर ही रद्द करके उन्हें बंद करा दिया गया.

विज्ञापन
विज्ञापन

नोएडा में रसोइयों में हाइजीन की अनदेखी

दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिले नोएडा में FDA की 57 टीमों ने 71 आउटलेट्स की जांच की और 42 नोटिस जारी किए गए. 13 आउटलेट्स का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई. जिनके खिलाफ एक्शन हुआ है, उनमें मोती महल डिलक्स, निहाऊ, पंजाबी ढाबा-61, कैसल बारबेक्यू, रोड हाउस, पैडी हॉस्पिटैलिटी/रोलिंग फ्रेश, द येलो चिली, मिनिस्ट्री ऑफ दारू, टेस्ट ऑफ दिल्ली एवं जायका, ईट क्लब, एब्सोल्यूट बारबेक्यूज, कार्निवल फूड डिलाइट और येलो चिली रेस्टोरेंट शामिल हैं. इनमें खाद्य पदार्थों को गलत तापमान पर रखा गया था. कच्चे और पके भोजन को साथ-साथ रखा जाता था. रसोई में गंदगी, झूठे बर्तन, कीड़े-मकौड़े, एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स और खाद्य पदार्थों का गलत स्टॉक मिला है.

लखनऊ में 78 प्रतिष्ठानों की जांच की गई

लखनऊ में 52 टीमों ने 78 फूड कोर्ट और फास्ट फूड आउटलेट्स की चेकिंग की और 42 नोटिस जारी किए. FDA टीमों ने सबवे, शालीमार गेटवे, आलमबाग में ड्रेनेज सिस्टम और हाइजीन/सैनेटरी से जुड़ी अनियमितताएं पाई गईं, जिन्हें मौके पर ही लाइसेंस रद्द करके बंद करा दिया गया. इनके अलावा गोली वड़ा पाव, आर्क बलेनो में रोडेंट, गंदगी, दीवारों, खाद्य पदार्थों में फंगस पाए जाने पर आउटलेट्स को बंद करने की सिफारिश अधिकारियों से की गई. बीकानेरवाला, फन मॉल में खाद्य पदार्थों में फंगस, रोडेंट, दुर्गंध, ग्रेवी कॉन्टेमिनेशन और वाटर लॉगिंग मिलने पर इन्हें बंद करा दिया गया.

विज्ञापन

गोरखपुर में 84 प्रतिष्ठानों में छापेमारी हुई

गोरखपुर में FDA की 43 टीमों ने 84 आउटलेट्स में छापेमारी करके चेकिंग की और 79 नोटिस जारी किए, जिनके तहत आउटलेट्स को खाद्य सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है. अगर सुधार नहीं किया गया तो लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई रखने, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, वैलिड लाइसेंस, क्वालिटी वाला कच्चा माल और निर्धारित तापमान पर खाद्य पदार्थों का रखरखाव करने के निर्देश दिए हैं. उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी मिली है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ