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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

UP में Ola, Uber पर योगी सरकार ने कसा शिकंजा, कैबिनेट ने कैब रजिस्ट्रेशन को किया अनिवार्य

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इसमें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत ओला और उबर जैसी कंपनियों को अब उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और यह रजिस्ट्रेशन पांच वर्ष के लिए मान्य रहेगा. साथ ही भारत सरकार के एक्ट में किए गए संशोधन को भी अपनाया जाएगा.

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Edited By : Versha Singh Updated: Mar 10, 2026 15:34

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इसमें मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. इसके तहत ओला और उबर जैसी कंपनियों को अब उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और यह रजिस्ट्रेशन पांच वर्ष के लिए मान्य रहेगा. साथ ही भारत सरकार के एक्ट में किए गए संशोधन को भी अपनाया जाएगा.

ऑटो और टू-व्हीलर पर नहीं लागू होगा नियम

मिली जानकारी ओला, ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को अब पंजीयन विभाग में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, मेडिकल और वेरिफिकेशन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी किए कोई भी ओला-ऊबर या अन्य एग्रीगेटर टैक्सी संचालित नहीं की जा सकेगी. एग्रीगेटर कंपनियों को लाइसेंस जारी करने के लिए पांच लाख रुपये का शुल्क देना होगा. हालांकि यह नियम तिपहिया ऑटो और टू-व्हीलर वाहनों पर लागू नहीं होगा.

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स्टाम्प और पंजीयन विभाग में भी अहम फैसला

इसके अलावा स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग से जुड़े फैसले के तहत अब प्रॉपर्टी बेचने वाले व्यक्ति की पहचान खतौनी के आधार पर देखी जाएगी. स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग अब संपत्ति की मालिकाना हक की जांच भी करेगा और बिना मालिकियत की पुष्टि किए किसी भी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा. सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगाया जाएगा, जबकि नगर निगम सीमा के भीतर आने वाली संपत्तियों पर दो प्रतिशत विकास शुल्क अलग से लिया जाएगा.

यूपी के इन जिलों के लिए भी हुए बड़े ऐलान

वहीं, कैबिनेट ने जनपद अयोध्या में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए सदर तहसील के वशिष्ठ कुंड स्थित नजूल भूमि को नगर निगम अयोध्या को निशुल्क हस्तांतरण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत नए शहरों के समग्र और समुचित विकास के लिए बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ के लिए धनराशि स्वीकृत करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है.

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First published on: Mar 10, 2026 02:44 PM

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