कौन है उजैर NEET की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने की ठगी, हाउस अरेस्ट कर वसूले 54 लाख रुपये; ऐसे हुए गिरफ्तार

ज्यादा पैसों की चाह और जल्दी पैसे कमाने कमाने के चक्कर में नीट का छात्र साइबर ठगी करने वाला अपराधी बन गया. साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के चार आरोपियों को पकड़ा है. इन सभी ने मिलकर 54 लाख 60,000 रुपये की ठगी की थी. पकड़े गए चारों आरोपियों ने राजेंद्र प्रकाश वर्मा सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर को एनआईए, एटीएस का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करके डिजिटल हाउस अरेस्ट किया था और डराकर 54 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए थे. पढ़ें लखनऊ से मनोज पांडेय की रिपोर्ट.

cyber fraud

लखनऊ के उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला ठगी का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार नीट की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने साइबर ठगी के अपराध को अंजाम दिया है. वहीं, इसमें शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि उजैर इस पूरे साइबर ठगी गैंग के टेक्निकल काम के साथ-साथ लैपटॉप, सर्वर, नेटवर्क कैसे फ्लकचुएट करना है ये सब काम करता था. पकड़े गए अन्य आरोपी सुफियान, आजम, आरिफ इकबाल इन सब के अलग-अलग काम बटे हुए थे.

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54 लाख 60 हजार रुपये की ठगी

ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में नीट का छात्र साइबर ठगी करने वाला अपराधी बन गया. साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के चार आरोपियों को पकड़ा है. इन सभी ने मिलकर 54 लाख 60,000 रुपये की ठगी की थी. पकड़े गए चारों आरोपियों ने राजेंद्र प्रकाश वर्मा सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर को एनआईए, एटीएस का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करके डिजिटल हाउस अरेस्ट किया था और डराकर 54 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए थे.

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डिजिटल हाउस अरेस्ट कर ठगी करने वाले ये चारों आरोपी अंतरराष्ट्रीय गैंग से जुड़े हैं. पुलिस जांच में नीट की तैयारी कर रहा उजैर खान इस पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी है.

खुद को बताते थे इंस्पेक्टर

पकड़े गए आरोपियों ने राजेन्द्र प्रकाश वर्मा को खुद को इंस्पेक्टर और एनआईए, एटीएस का अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया था. पीड़ित राजेंद्र प्रकाश वर्मा को आतंकी फंडिंग और फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब सात करोड़ रुपये की आतंकी फंडिंग और अवैध लेन-देन का झूठा आरोप लगाया और डिजिटल हाउस अरेस्ट कर लिया.

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आरोपियों ने पीड़ित को डराया और कहा कि आतंकी फंडिंग में लेनदेन में तुम्हारा नाम आया है अब तुम्हें 10 साल के लिए जेल जाना पड़ेगा. हमारे अधिकारी तुम्हें गिरफ्तार करने पहुंच रहे हैं. गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखने का दावा किया और लगातार ऑनलाइन निगरानी में रखा गया.

पकड़े गए इन शातिर अपराधियों ने जांच और वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ित के बैंक अकाउंट से 54 लाख 60 हजार रुपये दो अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए. ये बैंक अकाउंट इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के थे.

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कौन है आरोपी उजैर खान?

डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि आरोपी उजैर खान ने पूछताछ में बताया कि वो लखनऊ में नीट की तैयारी कर रहा था. लखनऊ के खदरा में रहता था और मूल रूप से कैसरगंज बहराइच का रहने वाला है. ये तमाम बैंक खाते जुटाने, कैश को ऑनलाइन के जरिए आगे अलग-अलग खातों में भेजने और पैसों को ट्रेस होने से बचाने की रणनीति तैयार करता था.

डीसीपी क्राइम ने बताया कि ठगी के पैसे ये अपने साथियों में ट्रांसफर करता था या नहीं इसकी अभी जांच की जा रही है. इस नेटवर्क में इन चारों के अलावा कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं. मामले में अभी कार्रवाई जारी है.

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डीसीपी ने आगे बताया कि आरिफ इकबाल लोन एजेंट बनकर लोगों को आसान तरह से लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक अकाउंट और जानकारी लेकर अपने गैंग को देता था. मोहम्मद सुफियान जो की समरसेबल पाइप का काम करता है और कम पढ़े लिखे लोगों के बैंक अकाउंट की जानकारी जुटाकर गैंग को मुहैय्या कराता था.

मोहम्मद आजम लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग प्लॉट ब्रोकरिंग का काम करता था. ये भी बैंक अकाउंट की जानकारी करके ठगी के पैसों को ऑनलाइन के माध्यम से भेजता था ताकि ट्रेस न हो सके. पुलिस अब आगे इन पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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