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अभिजीत दीपके को लेकर दो धड़ों में बंटा छात्र आंदोलन, लखनऊ के इको गार्डन में अलग-अलग हुआ प्रदर्शन

15 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ युवा 'कॉकरोच की तरह भटक रहे हैं'. इसी टिप्पणी के विरोध में अभिजीत दीपके ने अगले दिन सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से अभियान शुरू किया.

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राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में शुक्रवार को UPSI और लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके वहां पहुंचे. बड़ी संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों ने उनके आने का विरोध किया और साफ कहा कि वे नहीं चाहते कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बने. वहीं, प्रदर्शन में पहुंचे कई लोग कॉकरोच पार्टी के समर्थन में दिखे और अभिजीत दीपके को सपोर्ट किया.

अभिजीत के आने की खबर मिलते ही शुरू हुआ विरोध

अभिजीत दीपके गुरुवार देर रात लखनऊ पहुंचे थे. प्रशासन ने उन्हें प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी बात रखने की अनुमति भी दी थी. शुक्रवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इको गार्डन में जुटने लगे थे. लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं, कई छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

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‘हमारी मांगों को डिरेल करना चाहते हैं’

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि उनका आंदोलन केवल UPSI और लेखपाल भर्ती से जुड़ी मांगों को लेकर है. उनका आरोप था कि अभिजीत दीपके का इन मुद्दों से कोई संबंध नहीं है और वे केवल अपनी राजनीतिक पहचान बनाने के लिए आंदोलन का इस्तेमाल करना चाहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके के शामिल होने से हमारा आंदोलन तहस नहस हो जाएगा.

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छात्रों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और किसी राजनीतिक व्यक्ति की मौजूदगी से आंदोलन की दिशा बदल सकती है. कई अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि अभिजीत विपक्षी दलों के एजेंडे पर काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें मंच साझा नहीं करना चाहिए.

वामपंथी संगठनों की एंट्री से बढ़ा विवाद

स्थिति तब और गरमा गई जब अभिजीत दीपके के समर्थन में पहुंचे कुछ वामपंथी छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों से केवल सरकार विरोधी नारे लगाने की बात कही. इसे लेकर अभ्यर्थी नाराज हो गए. छात्रों का कहना था कि उनका आंदोलन भर्ती परीक्षाओं और रोजगार के मुद्दों पर केंद्रित है, जबकि कुछ संगठन इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालात को देखते हुए UPSI और लेखपाल अभ्यर्थियों ने अलग प्रदर्शन किया, जबकि अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने अलग स्थान पर अपनी सभा आयोजित की.

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40 मिनट बाद ही लौट गए अभिजीत

अभिजीत दीपके दोपहर करीब दो बजे इको गार्डन पहुंचे. विरोध के बावजूद पुलिस उन्हें मंच तक लेकर गई. हालांकि वे वहां ज्यादा देर नहीं रुके और करीब 40 मिनट बाद ही वापस लौट गए. इस दौरान उन्होंने छात्रों से 20 जून को दिल्ली पहुंचने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना नागरिकों का अधिकार है और युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए.

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कुछ लोगों ने किया समर्थन

जहां एक ओर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अभिजीत दीपके का विरोध कर रहे थे, वहीं कुछ लोग उनके समर्थन में भी नजर आए. कई समर्थक कॉकरोच पार्टी की कैप और मास्क पहनकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि यदि कोई राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के मुद्दे उठा रहा है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए.

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?

दरअसल, 15 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ युवा ‘कॉकरोच की तरह भटक रहे हैं’. इसी टिप्पणी के विरोध में अभिजीत दीपके ने अगले दिन सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से अभियान शुरू किया. कुछ ही दिनों में यह अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद 6 जून को दीपके दिल्ली पहुंचे और जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक समेत विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया.

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हालांकि अभिजीत दीपके को लेकर विवाद अभी बना हुआ है. उनके आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुराने संबंधों और तस्वीरों को लेकर विरोधी उन पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे विपक्षी दलों के समर्थन से सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

First published on: Jun 12, 2026 09:32 PM

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