कई महीनों बाद जेल से रिहा हुए सपा नेता आजम खान फिर मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। MP-MLA कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे को पैन कार्ड मामले में दोषी करार दिया है। साथ ही कोर्ट ने 7-7 साल की सजा सुनाई है। साल 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में सपा नेता आजम खान और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दर्ज कराया था। अब्दुल्ला आजम पर 2 पैन कार्ड का मामला दर्ज हुआ था। सोमवार को इसके लिए कोर्ट में सुनवाई हुई। सोमवार को बीजेपी नेता और शिकायत कर्ता आकाश सक्सेना भी कोर्ट पहुंचे।
आरोप है कि अब्दुल्ला आजम ने दो अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए। शिकायत में बताया गया कि एक पैन कार्ड में जन्म तिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज है, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 की जन्मतिथि दर्ज है। आरोप है कि इन दस्तावेजों का न सिर्फ गलत आधार पर निर्माण किया गया, बल्कि उन्हें उपयोग में भी लाया गया। मामले में पुलिस ने विस्तार से जांच की।
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी। तर्क-वितर्क पूरा होने के बाद सोमवार को कोर्ट ने सजा सुनाई। आजम खां के लिए कोर्ट का यह फैसला बेहद खास माना जा रहा है। इस फैसले के बाद आजम खान के राजनीतिक और कानूनी रास्ते में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
इससे पहले 6 साल पुराने मानहानि के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सपा नेता आजम खान को राहत दी थी। कोर्ट ने आजम खान को बरी कर दिया था। यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ साल 2019 में लखनऊ में मानहानि का केस दर्ज हुआ था। इसमें कोर्ट ने आजम खान को बरी कर दिया गया था।