राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, आरोपियों से जुड़े लोगों के 30 बैंक अकाउंट फ्रीज
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है. जांच एजेंसियों ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है ताकि संदिग्ध लेनदेन पर रोक लगाई जा सके.
लखनऊ से रिपोर्टर मानस श्रीवास्तव के इनपुट्स के साथ.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jul 9, 2026 15:03
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---खबर नीचे जारी है---
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है. जांच एजेंसियों ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है ताकि संदिग्ध लेनदेन पर रोक लगाई जा सके.
वहीं, पुलिस का दावा है कि चोरी की रकम सीधे आरोपियों के खातों में नहीं बल्कि रिश्तेदारों और करीबी लोगों के खातों के जरिए जमा करने के बाद ट्रांसफर की जाती थी. इसी मनी ट्रेल की जांच के लिए आज सुबह पुलिस टीम आरोपियों के घर पहुंची और बैंक दस्तावेज, पासबुक, मोबाइल फोन तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की.
जांच टीम अब बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं. इससे पहले पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपियों को 84 कोसी परिक्रमा मार्ग भी ले गई थी और ये समझने की कोशिश हुई थी कि चोरी का पैसा किन-किन रास्तों से ले जाया जा रहा था.
जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंक खातों की पड़ताल से चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क और रकम को इन्वेस्ट करने की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है.
इसके अलावा चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में हलचल तेज हो गई है. मिली जानकारी के अनुसार, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव की पास आईडी बंद कर दी गई है. इसके साथ ही अब तीनों की संस्तुति पर पास दर्शन जारी नहीं किए जाएंगे. कोषाध्यक्ष ने बैंक अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बात की है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और उनसे इस्तीफे को लेकर चर्चा की. मुलाकात के बाद देव गिरी ने बताया कि मैं बीते दिन चंपत राय से मिला. उनसे मिलने का उद्देश्य उनके स्वास्थ्य के बारे में जानना था. वे स्वस्थ हैं, संतुष्ट हैं और अपने इस्तीफे को लेकर नाराज नहीं हैं, उन्हें कोई शिकायत नहीं है. वहीं, अयोध्या के स्थानीय संत और धर्मगुरु भी राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा लिए गए फैसलों से सहमत हैं.
गोविंद देव ने बताया कि स्थानीय संत और धर्मगुरु पूजा-पाठ और मंदिर के संचालन से जुड़े नियमों में सुधार चाहते हैं, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं. उन्हें आश्वासन दिया गया है कि ऐसी घटना दोबारा कभी नहीं होगी.
बता दें कि चंपत राय और गोविंद देव की बंद कमरे में करीब 2 घंटे बातचीत हुई. इस दौरान दोनों के बीच दान चोरी, आरोपियों, पुलिस जांच, दान गणना की प्रक्रिया, राम मंदिर के संचालन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई और अहम जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ.
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी और पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है. जांच एजेंसियों ने आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है ताकि संदिग्ध लेनदेन पर रोक लगाई जा सके.
वहीं, पुलिस का दावा है कि चोरी की रकम सीधे आरोपियों के खातों में नहीं बल्कि रिश्तेदारों और करीबी लोगों के खातों के जरिए जमा करने के बाद ट्रांसफर की जाती थी. इसी मनी ट्रेल की जांच के लिए आज सुबह पुलिस टीम आरोपियों के घर पहुंची और बैंक दस्तावेज, पासबुक, मोबाइल फोन तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की.
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जांच टीम अब बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही हैं. इससे पहले पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपियों को 84 कोसी परिक्रमा मार्ग भी ले गई थी और ये समझने की कोशिश हुई थी कि चोरी का पैसा किन-किन रास्तों से ले जाया जा रहा था.
जांच एजेंसियों का मानना है कि बैंक खातों की पड़ताल से चढ़ावा चोरी के पूरे नेटवर्क और रकम को इन्वेस्ट करने की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है.
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इसके अलावा चढ़ावा चोरी के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में हलचल तेज हो गई है. मिली जानकारी के अनुसार, चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव की पास आईडी बंद कर दी गई है. इसके साथ ही अब तीनों की संस्तुति पर पास दर्शन जारी नहीं किए जाएंगे. कोषाध्यक्ष ने बैंक अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बात की है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और उनसे इस्तीफे को लेकर चर्चा की. मुलाकात के बाद देव गिरी ने बताया कि मैं बीते दिन चंपत राय से मिला. उनसे मिलने का उद्देश्य उनके स्वास्थ्य के बारे में जानना था. वे स्वस्थ हैं, संतुष्ट हैं और अपने इस्तीफे को लेकर नाराज नहीं हैं, उन्हें कोई शिकायत नहीं है. वहीं, अयोध्या के स्थानीय संत और धर्मगुरु भी राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा लिए गए फैसलों से सहमत हैं.
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गोविंद देव ने बताया कि स्थानीय संत और धर्मगुरु पूजा-पाठ और मंदिर के संचालन से जुड़े नियमों में सुधार चाहते हैं, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं. उन्हें आश्वासन दिया गया है कि ऐसी घटना दोबारा कभी नहीं होगी.
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बता दें कि चंपत राय और गोविंद देव की बंद कमरे में करीब 2 घंटे बातचीत हुई. इस दौरान दोनों के बीच दान चोरी, आरोपियों, पुलिस जांच, दान गणना की प्रक्रिया, राम मंदिर के संचालन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई और अहम जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ.