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Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन मेट्रो कनेक्टिविटी के दो अहम रूट अब भी मंजूरी के इंतजार में अटके हुए हैं. इन दोनों परियोजनाओं पर करीब एक दशक से कवायद चल रही है, मगर निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है.
पहला रूट सेक्टर-38ए बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित है. इस कॉरिडोर पर केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी ही अंतिम चरण में लंबित है. एनएमआरसी (नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन) अधिकारियों के अनुसार सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. जैसे ही कैबिनेट की मुहर लगती है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
दूसरा रूट सेक्टर-51 नोएडा से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित है. इस परियोजना की प्रक्रिया अभी केंद्र स्तर पर दो-तीन चरणों में जारी है. फिलहाल इसे पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद ही कैबिनेट में अंतिम प्रस्ताव जाएगा. इस रूट की लागत करीब 2991 करोड़ 60 लाख आंकी गई है और इसमें 11 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं. इस लाइन को 2019 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी थी.
इस रूट पर सेक्टर-71 अंडरपास के पास पहले से चल रही एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन से इस नई लाइन को जोड़ने के डिजाइन पर केंद्र सरकार की टीम ने आपत्ति जताई थी. आपत्तियों के चलते रूट में बदलाव करना पड़ा, जिससे परियोजना में फिर देरी हो गई.
वर्तमान में नोएडा-ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र में आबादी तेजी से बढ़ रही है. निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता और जाम की समस्या के बीच मेट्रो को ही एकमात्र प्रभावी विकल्प माना जा रहा है. एनएमआरसी का कहना है कि केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं और उम्मीद है कि जल्द दोनों रूटों को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी.
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