Maha Kumbh Stampede: महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे थे। मेला प्रशासन की ओर से क्राउड कंट्रोल के तमाम दावों के बीच मंगलवार की रात भगदड़ मची, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। महाकुंभ की इस भगदड़ के लिए कौन जिम्मेदार है? जिम्मेदारी संभाल रहे अफसरों से कहां पर गलती हुई?
महाकुंभ में शानदार और चाक-चौबंद व्यवस्था की जिम्मेदारी योगी सरकार ने एडीजी भानु भास्कर, विजय किरण मेला अधिकारी, वैभव कृष्ण डीआईजी महाकुंभ, विजय विश्वास पंथ मंडलायुक्त प्रयागराज, राजेश द्विवेदी एसएसपी महाकुंभ हैं। हादसे के बाद संगम के तट पर एनएसजी के कमांडो तैनात किए गए हैं। संगम नोज इलाके में एंट्री बंद की गई है। भीड़ न बढ़े इसके लिए प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। हादसे की खबर के बाद सीएम योगी ने ताबड़तोड़ मीटिंग की और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
महाकुंभ एसएसपी राजेश द्विवेदी- महाकुंभ एसएसपी राजेश द्विवेदी पर भीड़ को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी थी। हालांकि द्विवेदी ने भगदड़ की घटना से इनकार कर दिया। मौनी अमावस्या के मौके पर क्राउड मैनेजमेंट का पूरा सिस्टम ही फेल हो गया।
मंडलायुक्त विजय विश्वास- प्रयागराज मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पर पूरे मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी है। हालांकि वे क्राउड मैनेजमेंट के नाम पर हाथ में लाउडस्पीकर थामकर अनाउंसमेंट करते नजर आए।
डीआईजी वैभव कृष्ण- डीआईजी वैभव कृष्ण ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा ने नहीं निभाई। वे कंट्रोल रूम में बैठकर केवल अनाउंसमेंट कर रहे थे, जोकि कोई भी व्यक्ति कर सकता था, क्योंकि यह सब कुछ लिखित में होता है। उन्हें कंट्रेाल रूम में यह रणनीति बनानी थी कि कैसे 10 करोड़ लोगों को अलग-अलग जगहों पर रोक कर भीड़ को एक जगह पर इकट्ठा होने से रोका जाए।
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एडीजी भानु भास्कर- एडीजी पर भी क्राउड को बांटने की जिम्मेदारी थी। मौनी अमावस्या से पहले भास्कर दावा कर रहे थे कि सब कुछ कंट्रोल में है, लेकिन हादसे का शिकार हुए लोगों ने बताया कि सब कुछ भगवान भरोसे था। भीड़ को कंट्रोल करने वाला कोई पुलिसकर्मी वहां पर मौजूद नहीं था।
मेला अधिकारी विजय किरण- महाकुंभ मेले के सबसे बड़े अफसर विजय किरण थे। सीएम योगी ने इनके कंधों पर पूरे महाकुंभ मेले को सफल कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी,लेकिन हादसे के बाद वे भी पर्दा डालते नजर आए।
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मंडलायुक्त विजय विश्वास- प्रयागराज मंडल के कमिश्नर विजय विश्वास पर पूरे मेला क्षेत्र की जिम्मेदारी है। हालांकि वे क्राउड मैनेजमेंट के नाम पर हाथ में लाउडस्पीकर थामकर अनाउंसमेंट करते नजर आए।
डीआईजी वैभव कृष्ण- डीआईजी वैभव कृष्ण ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा ने नहीं निभाई। वे कंट्रोल रूम में बैठकर केवल अनाउंसमेंट कर रहे थे, जोकि कोई भी व्यक्ति कर सकता था, क्योंकि यह सब कुछ लिखित में होता है। उन्हें कंट्रेाल रूम में यह रणनीति बनानी थी कि कैसे 10 करोड़ लोगों को अलग-अलग जगहों पर रोक कर भीड़ को एक जगह पर इकट्ठा होने से रोका जाए।
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मेला अधिकारी विजय किरण- महाकुंभ मेले के सबसे बड़े अफसर विजय किरण थे। सीएम योगी ने इनके कंधों पर पूरे महाकुंभ मेले को सफल कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी,लेकिन हादसे के बाद वे भी पर्दा डालते नजर आए।
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