BSP सुप्रीमो मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ पाटी से निष्कासित, रणधीर सिंह बेनीवाल की भी निकाला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ताबड़तोड़ फैसले लेकर चौंका दिया है. उन्होंने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ और अन्य नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा है. भतीजे आकाश आनंद के सुसर पर उन्होंने दूसरी बार एक्शन लिया है.

BSP Chief Mayawati

यूपी चुनाव से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने अहम फैसले लिए हैं.

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अशोक सिद्धार्थ और रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाला दिया है. अशोक सिद्धार्थ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं, जिन्हें मायावती ने साल 2025 में पार्टी से निष्कासित किया था, लेकिन 6 महीने बाद उनको माफ करके वापस पार्टी में ले लिया था. अब एक बार फिर उनके खिलाफ एक्शन लिया है. पहले मायावती ने अशोक को दिल्‍ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभारी पद से हटाया था.

दोनों को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाला

बता दें कि मायावती ने बसपा के को-आर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी की जिम्मेदारियां वापस लेकर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निकाला दिया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी प्रमुख के फैसलों को फेरबदल और कार्रवाई का दौर बताया गया है. मायावती ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर लंबा-चौड़ा ट्वीट लिखकर अशोक सिद्धार्थ और रणधारी को पार्टी से निष्कासित करने का ऐलान किया है.

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अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे

मायावती ने ट्वीट में लिखा कि पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी टिकट के बंटवारे के लिए BSP के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष के साथ तालमेल नहीं करने पर अनुशासनहीनता और दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. 6 महीने बाद उन्हें दोबारा पार्टी में इस शर्त पर वापस लिया गया था कि वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे और पार्टी का जनाधार बढ़ाने में सहयोग करेंगे. लेकिन उन्होंने पुरानी गलती दोहराकर हाईकमान को निशान किया है.

UP चुनाव अभियान को प्रभावित करने की साजिश

कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभारी की जिम्मेदारी निभाते समय अनुशासनहीनता दिखाई और पार्टी के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया. अब उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनाव अभियान को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. चेतावनी दिए जाने के बावजूद उनकी हरकतें नहीं सुधरी, इसलिए अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करके बाहर किया जाता है. अब उन्हें भविष्य में भी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा. उनके लिए बहुजन समाज पार्टी के रास्ते हमेशा के लिए बंद हैं.

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रणधीर बेनीवाल पर भी अनुशासनहीनता के आरोप

मायावती ने लिखा कि रणधीर सिंह बेनीवाल को BSP को-आर्डिनेटर के साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कशमीर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने की शिकायतें मिलीं. इसलिए रणधीर सिंह बेनीवाल को भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया है. राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब स्टेट का फिर से प्रभारी बनाया गया है, जो पंजाब विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी निभाएंगे.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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