Kal ka Mausam 2 august 2026: देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश अब अपने प्रचंड रूप में आ गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अगस्त 2026 के लिए दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात समेत देश के 13 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में और पूर्वी सिरा उत्तर की ओर बना हुआ है. इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में झमाझम बारिश देखने को मिलेगी.
हिमालयी राज्यों में आफत की बारिश
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे पहाड़ी इलाकों में 1 से 7 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति पैदा हो सकती है. मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के दौरान झमाझम बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त से ही लगातार बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो पूरे हफ्ते बना रह सकता है.
राजस्थान, दिल्ली और पंजाब-हरियाणा का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. वहीं, पंजाब और हरियाणा में 2 से 4 अगस्त के बीच कई इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है. मानसूनी बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. दिल्ली और आसपास 3 अगस्त से मानसूनी बौछारें बढ़ेंगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है. IMD ने आम जनता से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हफ्ते भर होगी बारिश
मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून की मेहरबानी बरकरार रहने वाली है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को भारी बारिश के आसार हैं, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में 4 से 7 अगस्त के दौरान तेज बारिश का सिलसिला देखने को मिलेगा. छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त तक आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 2 से 5 अगस्त के बीच मौसम खराब रह सकता है और कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
बिहार, झारखंड और बंगाल में आंधी-बिजली का अलर्ट
पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार में 2 से 6 अगस्त के बीच अच्छी बारिश की संभावना है. इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. झारखंड में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सात दिनों तक लगातार बारिश होगी. अरुणाचल और मेघालय में स्थिति अधिक चिंताजनक है, जहां भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर आ सकती हैं और निचले इलाकों में जलभराव व बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 1 से 3 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा. गुजरात के कुछ हिस्सों में 1 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने का संकट खड़ा हो सकता है.
दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाएं
केरल, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी मौसम खराब रहेगा. समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब रहने के कारण गुजरात, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और कोंकण-गोवा के समुद्री तटों पर मछुआरों को 6 अगस्त तक समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है.