अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की कार्रवाई अब और तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से एक बार फिर पूछताछ करने की तैयारी में है. जांच के दौरान मिले नए दस्तावेजों और शुरुआती बयानों में सामने आए विरोधाभास के बाद यह कदम उठाया जा रहा है. SIT ने इस मामले में सिर्फ आठ मुख्य आरोपियों पर ही अपना शिकंजा नहीं कसा है, बल्कि 200 से भी ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इन सभी संदिग्धों और गवाहों को अलग-अलग तारीखों पर समन भेजकर SIT के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं.
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बयानों और दस्तावेजों के मिलान पर फोकस
SIT की ओर से की गई शुरुआती पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों के बयानों में कई अंतर देखने को मिले थे. जहां अनिल मिश्रा ने निगरानी में चूक की बात स्वीकारते हुए पूरी जिम्मेदारी टिन्नू यादव पर डाली थी, वहीं चंपत राय ने बैंक के साथ हुए समझौतों (MoU), सुरक्षा व्यवस्था और गिनती की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे. अब SIT इन सभी दावों का वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और पिछले वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट से मिलान कर रही है.
बैंक ऑफ बड़ौदा और खातों की जांच
मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा ने पुलिस नोटिस के बाद स्पष्ट किया है कि उसकी भूमिका सिर्फ डिजिटल और ऑनलाइन QR-आधारित दान तक ही सीमित थी. कैश हैंडलिंग या नकद चढ़ावे की गिनती में बैंक का कोई सीधा संबंध नहीं था. इसके बाद जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान ट्रस्ट से जुड़े बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल पर टिक गया है. एसआईटी मंदिर परिसर के पिछले 5 सालों के वित्तीय लेन-देन, ऑडिट रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है. माना जा रहा है कि तीनों पूर्व पदाधिकारियों से दोबारा पूछताछ कर चढ़ावा चोरी के इस पूरे घटनाक्रम में जवाबदेही तय की जाएगी.
पैसों के लेन-देन को खंगाल रहे CA और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स
मामला सीधे तौर पर मंदिर के चढ़ावे और भारी-भरकम पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ है. इसलिए जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए विशेष विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. SIT की टीम में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है. यह टीम आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों की पूरी डिटेल, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और मंदिर के वित्तीय कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है.
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दान पेटियों की गिनती पर 360-डिग्री कैमरों की नजर
दूसरी तरफ, भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने और मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं. अब मंदिर की सभी दान पेटियों को एक साथ खोलने के बजाय अलग-अलग दिनों में खोलने का नियम बनाया गया है.
गिनती के दौरान किसी भी तरह की धांधली या हेराफेरी को रोकने के लिए पूरे गिनती वाले कमरे में 360-डिग्री घूमने वाले हाई-टेक CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा, पेशेवर वीडियोग्राफरों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो दान पेटियां खोलने से लेकर एक-एक पैसे की गिनती पूरी होने तक की हर सेकंड की रिकॉर्डिंग कर रही है.
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