Lucknow Kanpur Expressway Toll Rates: लखनऊ से कानपुर के बीच का सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए एक जरूरी खबर है. 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) के भव्य लोकार्पण के बाद, 14 जुलाई से इस मार्ग पर टोल टैक्स की वसूली शुरू होने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 63 किलोमीटर लंबे इस छह लेन के एक्सप्रेसवे के लिए आधिकारिक टोल दरों की घोषणा कर दी है.
कब से और कितना लगेगा टोल टैक्स?
एनएचएआई द्वारा जारी नई दरों के तहत, कार, जीप और वैन जैसे निजी हल्के वाहनों को एक तरफ की यात्रा (एकल यात्रा) के लिए 275 रुपये, हल्के वाणिज्यिक वाहन को 445 रुपए का टोल देना होगा. वहीं, अगर कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापस आता है, तो वापसी की यात्रा के लिए टोल क्रमश: 415 रुपये और 670 रुपए तय किया गया है. इसके अलावा, नियमित यात्रियों के लिए एक महीने में 50 सिंगल यात्राओं का पास 9,220 रुपये में बनेगा.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूलने की आधिकारिक तारीख और दरें घोषित कर दी हैं. इस 63 किलोमीटर लंबे 6-लेन स्पीड कॉरिडोर का लोकार्पण 13 जुलाई को होने जा रहा है, जिसके ठीक अगले दिन यानी 14 जुलाई से टोल टैक्स की वसूली शुरू हो जाएगी.
क्या है सालाना फास्टैग पास का सच?
NHAI कानपुर रीजनल ऑफिस के अधिकारियों के मुताबिक, दैनिक यात्रियों के लिए एक विशेष एनुअल फास्टैग पास की व्यवस्था की गई है, जिसकी कीमत ₹3,075 तय की गई है. इस सालाना पास से कोई भी निजी वाहन मालिक एक वर्ष में कुल 200 बार टोल प्लाजा को पार कर सकता है. यदि इस कुल लागत को विभाजित किया जाए, तो हर बार एक्सप्रेसवे पार करने का प्रभावी खर्च ₹275 से घटकर मात्र ₹15.30 प्रति ट्रिप रह जाएगा. यह आर्थिक गणित उन लोगों के लिए बेहद राहत भरा है जो लखनऊ और कानपुर के बीच हर रोज अप-डाउन करते हैं.
जानिए अन्य वाहनों की टोल दरें:
हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV): एकल यात्रा के लिए 445 रुपये और 24 घंटे में वापसी के लिए 670 रुपये.
बस और ट्रक: एकल यात्रा के लिए 935 रुपये और वापसी के लिए 1405 रुपये.
मल्टी-एक्सेल वाणिज्यिक वाहन: एकल यात्रा के लिए 1020 रुपये और वापसी के लिए 1530 रुपये.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की खासियत
लगभग ₹3,700 करोड़ की लागत से तैयार यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लखनऊ के सरोजनीनगर (मीरानपुर पिनवट गांव) से शुरू होकर उन्नाव के अता गांव तक जाता है. वहां से आगे 5.5 किमी का सफर तय कर वाहन जाजमाऊ गंगा पुल के जरिए सीधे कानपुर में प्रवेश कर सकेंगे. इस 63 किलोमीटर के रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर घटकर महज 45 से 50 मिनट का रह जाएगा. सबसे आधुनिक बात यह है कि लखनऊ शहर से प्रवेश करते समय यात्रियों को बैरियर-लेस और लेन-फ्री ऑटोमैटिक टोलिंग सिस्टम का अनुभव मिलेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा. हालांकि, कानपुर एग्जिट और बीच के अन्य 4 रैंपों (शिवपुरा, बनी, अमरसास, आजाद चौक) पर पारंपरिक टोल प्लाजा काम करेंगे.
पुराने हाईवे NH-27 पर भी बढ़ेगा बोझ
यदि आपको लगता है कि एक्सप्रेसवे का टोल महंगा है और आप पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) से निकल जाएंगे, तो वहां भी आपकी जेब कटने वाली है. NHAI की लखनऊ शाखा पुराने हाईवे के नवाबगंज टोल प्लाजा पर भी दरों को मौजूदा ₹95 से बढ़ाकर ₹115 करने का प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को भेज रही है. यह बढ़ा हुआ टैक्स शहीद पथ से दारोगा खेड़ा तक बने 14 किलोमीटर के नए बुनियादी ढांचे के मेंटेनेंस के नाम पर लिया जाएगा. साफ है कि 14 जुलाई के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर हर रास्ते से महंगा होने जा रहा है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs - People Also Ask)
Q1. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) पर टोल टैक्स कब से वसूला जाएगा?
उत्तर: एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को होगा और इसके ठीक अगले दिन यानी 14 जुलाई से आधिकारिक तौर पर टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी जाएगी.
Q2. एक्सप्रेसवे पर कार चालकों को एक तरफ का कितना टोल टैक्स देना होगा?
उत्तर: कार, जीप और वैन चालकों के लिए एक तरफ का टोल टैक्स ₹275 तय किया गया है. वहीं 24 घंटे के अंदर वापसी करने पर ₹415 का भुगतान करना होगा.
Q3. दैनिक यात्रियों के लिए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सालाना पास कितने का है?
उत्तर: नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का सालाना फास्टैग पास उपलब्ध है, जिसमें साल भर में 200 बार टोल पार करने की अनुमति मिलती है. इससे प्रति ट्रिप का खर्च घटकर मात्र ₹15.30 रह जाता है.
Q4. क्या लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बाइक या ऑटो ले जा सकते हैं?
उत्तर: नहीं. यह एक हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसपर सुरक्षा कारणों से दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
Lucknow Kanpur Expressway Toll Rates: लखनऊ से कानपुर के बीच का सफर करने वाले मुसाफिरों के लिए एक जरूरी खबर है. 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) के भव्य लोकार्पण के बाद, 14 जुलाई से इस मार्ग पर टोल टैक्स की वसूली शुरू होने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 63 किलोमीटर लंबे इस छह लेन के एक्सप्रेसवे के लिए आधिकारिक टोल दरों की घोषणा कर दी है.
कब से और कितना लगेगा टोल टैक्स?
एनएचएआई द्वारा जारी नई दरों के तहत, कार, जीप और वैन जैसे निजी हल्के वाहनों को एक तरफ की यात्रा (एकल यात्रा) के लिए 275 रुपये, हल्के वाणिज्यिक वाहन को 445 रुपए का टोल देना होगा. वहीं, अगर कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापस आता है, तो वापसी की यात्रा के लिए टोल क्रमश: 415 रुपये और 670 रुपए तय किया गया है. इसके अलावा, नियमित यात्रियों के लिए एक महीने में 50 सिंगल यात्राओं का पास 9,220 रुपये में बनेगा.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूलने की आधिकारिक तारीख और दरें घोषित कर दी हैं. इस 63 किलोमीटर लंबे 6-लेन स्पीड कॉरिडोर का लोकार्पण 13 जुलाई को होने जा रहा है, जिसके ठीक अगले दिन यानी 14 जुलाई से टोल टैक्स की वसूली शुरू हो जाएगी.
क्या है सालाना फास्टैग पास का सच?
NHAI कानपुर रीजनल ऑफिस के अधिकारियों के मुताबिक, दैनिक यात्रियों के लिए एक विशेष एनुअल फास्टैग पास की व्यवस्था की गई है, जिसकी कीमत ₹3,075 तय की गई है. इस सालाना पास से कोई भी निजी वाहन मालिक एक वर्ष में कुल 200 बार टोल प्लाजा को पार कर सकता है. यदि इस कुल लागत को विभाजित किया जाए, तो हर बार एक्सप्रेसवे पार करने का प्रभावी खर्च ₹275 से घटकर मात्र ₹15.30 प्रति ट्रिप रह जाएगा. यह आर्थिक गणित उन लोगों के लिए बेहद राहत भरा है जो लखनऊ और कानपुर के बीच हर रोज अप-डाउन करते हैं.
जानिए अन्य वाहनों की टोल दरें:
हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV): एकल यात्रा के लिए 445 रुपये और 24 घंटे में वापसी के लिए 670 रुपये.
बस और ट्रक: एकल यात्रा के लिए 935 रुपये और वापसी के लिए 1405 रुपये.
मल्टी-एक्सेल वाणिज्यिक वाहन: एकल यात्रा के लिए 1020 रुपये और वापसी के लिए 1530 रुपये.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की खासियत
लगभग ₹3,700 करोड़ की लागत से तैयार यह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे लखनऊ के सरोजनीनगर (मीरानपुर पिनवट गांव) से शुरू होकर उन्नाव के अता गांव तक जाता है. वहां से आगे 5.5 किमी का सफर तय कर वाहन जाजमाऊ गंगा पुल के जरिए सीधे कानपुर में प्रवेश कर सकेंगे. इस 63 किलोमीटर के रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगे, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर घटकर महज 45 से 50 मिनट का रह जाएगा. सबसे आधुनिक बात यह है कि लखनऊ शहर से प्रवेश करते समय यात्रियों को बैरियर-लेस और लेन-फ्री ऑटोमैटिक टोलिंग सिस्टम का अनुभव मिलेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा. हालांकि, कानपुर एग्जिट और बीच के अन्य 4 रैंपों (शिवपुरा, बनी, अमरसास, आजाद चौक) पर पारंपरिक टोल प्लाजा काम करेंगे.
पुराने हाईवे NH-27 पर भी बढ़ेगा बोझ
यदि आपको लगता है कि एक्सप्रेसवे का टोल महंगा है और आप पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) से निकल जाएंगे, तो वहां भी आपकी जेब कटने वाली है. NHAI की लखनऊ शाखा पुराने हाईवे के नवाबगंज टोल प्लाजा पर भी दरों को मौजूदा ₹95 से बढ़ाकर ₹115 करने का प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को भेज रही है. यह बढ़ा हुआ टैक्स शहीद पथ से दारोगा खेड़ा तक बने 14 किलोमीटर के नए बुनियादी ढांचे के मेंटेनेंस के नाम पर लिया जाएगा. साफ है कि 14 जुलाई के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर हर रास्ते से महंगा होने जा रहा है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs – People Also Ask)
Q1. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) पर टोल टैक्स कब से वसूला जाएगा?
उत्तर: एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को होगा और इसके ठीक अगले दिन यानी 14 जुलाई से आधिकारिक तौर पर टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी जाएगी.
Q2. एक्सप्रेसवे पर कार चालकों को एक तरफ का कितना टोल टैक्स देना होगा?
उत्तर: कार, जीप और वैन चालकों के लिए एक तरफ का टोल टैक्स ₹275 तय किया गया है. वहीं 24 घंटे के अंदर वापसी करने पर ₹415 का भुगतान करना होगा.
Q3. दैनिक यात्रियों के लिए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सालाना पास कितने का है?
उत्तर: नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का सालाना फास्टैग पास उपलब्ध है, जिसमें साल भर में 200 बार टोल पार करने की अनुमति मिलती है. इससे प्रति ट्रिप का खर्च घटकर मात्र ₹15.30 रह जाता है.
Q4. क्या लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बाइक या ऑटो ले जा सकते हैं?
उत्तर: नहीं. यह एक हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिसपर सुरक्षा कारणों से दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.