UP Expands Grassroots Sports Infrastructure: यूपी सरकार स्कूलों, गांवों और स्थानीय समुदायों में सुविधाओं को बेहतर बनाकर पूरे राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने की कोशिशें तेज कर रही है. कई नई पहलों के जरिए योगी सरकार का मकसद युवा खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें आगे बढ़ाना है, साथ ही फिजितस एक्टिविटीज में ज्यादा लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना है.
स्कूलों में खेल क्लब
‘खेलें भी, खिलें भी’ अभियान के तहत, सरकारी स्कूलों में स्पोर्ट्स क्लब बनाए जा रहे हैं और छात्रों को मॉडर्न स्पोर्ट्स किट दिया जा रहा है. बेसिक शिक्षा विभाग ने लखनऊ समेत 1,565 PM SHRI स्कूलों के लिए 7.82 करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसके तहत हर स्कूल को क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज और कैरम जैसे खेलों का सामान खरीदने के लिए 50,000 रुपये दिए जा रहे हैं.
एथलीट को स्कॉलरशिप
माध्यमिक शिक्षा विभाग ‘स्पोर्ट्स फॉर स्कूल’ प्रोग्राम को भी बढ़ावा दे रहा है. ये प्रोग्राम खेलों तक पहुंच बेहतर बनाने, काबिल कोचों को ट्रेनिंग देने, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने, टैलेंटेड एथलीट को स्कॉलरशिप देने और खेलों में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान देता है.
‘हर तहसील में मिनी स्टेडियम’
राज्य के खेल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए, सरकार हर तहसील में मिनी स्टेडियम बनाने और सभी 75 जिलों में ‘एक जिला, एक खेल’ प्रोग्राम लागू करने की योजना बना रही है. इस पहल के तहत, हर जिला अपनी स्थानीय क्षमता के हिसाब से सबसे ज्यादा सूट करने वाले खेल पर ध्यान देगा और उसे खास कोचिंग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का सपोर्ट मिलेगा.
‘फेमस खिलाड़ी से मिलेगी कोचिंग’
राज्य ने ऐसे सुधार भी किए हैं जिनसे बेहतरीन नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ी स्पोर्ट्स कॉलेजों में कोच बन सकें. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राज्य खेल प्राधिकरण बनाया गया है और एडवांस्ड कोचिंग व वैज्ञानिक ट्रेनिंग देने के लिए पांच हाई-परफॉर्मेंस सेंटर और 14 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस डेवलप किए जा रहे हैं.
स्टेडियम के रेनोवेशन पर खर्च
खेल सचिव एलवाई सुहास ने बताया कि लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम और चौक स्टेडियम में बैडमिंटन हॉल, बास्केटबॉल कोर्ट, जिम सुविधाओं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये का रेनोवेशन का काम चल रहा है. खेल राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के मुताबिक, 50 से ज्यादा मिनी स्टेडियम पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि अन्य तहसीलों में निर्माण कार्य जारी है. साथ ही, ग्राम पंचायतों में भी खेल के मैदान विकसित किए जा रहे हैं.