UP को मिलने जा रहा सबसे महंगा और हाईटेक एक्सप्रेसवे! 30 मिनट में पूरा होगा लखनऊ-कानपुर का सफर; PM मोदी इस दिन करेंगे उद्घाटन
Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का पीएम मोदी कुछ ही दिनों में उद्घाटन कर सकते हैं. 63 किलोमीटर लंबे इस हाईटेक एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों के बीच सफर सिर्फ 30 से 45 मिनट में पूरा होगा. नए रूट से ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित सफर मिलेगा. आइए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे में यात्रा करने के लिए क्या टोल रहने वाला है?
Written By: Azhar Naim|Updated: May 22, 2026 11:23
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 22, 2026 11:23
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लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे कब शुरू होगा? (Image: AI)
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Lucknow Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश वालों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. लखनऊ से कानपुर रोजाना सफर करने वाले या इस रूट का इस्तेमाल करने वाले मुसाफिरों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. दरअसल, दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बनकर तैयार हुआ 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) अब पूरी तरह उद्घाटन के लिए तैयार हो चुका है. पहले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अप्रैल के महीने में ही जनता के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसकी लॉन्चिंग डेट को आगे बढ़ा दिया गया था. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 24 मई 2026 को इस बेहद खास और उत्तर प्रदेश के सबसे महंगे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं, जिसके तुरंत बाद इसे आम जनता की गाड़ियों के लिए खोल दिया जाएगा.
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3 घंटे का थकाऊ सफर अब सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा
वर्तमान समय में नेशनल हाईवे-27 (NH-27) पर गाड़ियों के भारी दबाव, लगातार लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और ट्रकों की आवाजाही के कारण कानपुर से लखनऊ या लखनऊ से कानपुर पहुंचने में लोगों को तकरीबन ढाई से तीन घंटे का लंबा समय लग जाता है. लेकिन इस नए और आधुनिक 6-लेन एक्सप्रेसवे के चालू हो जाने के बाद यह दूरी सिमटकर महज 30 से 45 मिनट की रह जाएगी. इस एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इस पर छोटी कारें और वीआईपी वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से बिना किसी बाधा के सरपट दौड़ सकेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी.
रूट पर बनाए गए हैं कुल 4 टोल प्लाजा
दूरी के लिहाज से भले ही यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा एक्सप्रेसवे हो, लेकिन निर्माण लागत और सुविधाओं के मामले में यह राज्य का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे बन चुका है. इस पूरे रूट पर यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए कुल चार अत्याधुनिक टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जो शिवपुर (हरौना-जुनाबगंज), बनी, अमरसास और आजाद चौराहा (गंगा पुल) के पास स्थित हैं. अगर आप निजी वाहन से एक तरफ का सफर करते हैं तो आपको ₹275 का टोल टैक्स देना होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापस लौटने पर राउंड ट्रिप के लिए कुल ₹415 का भुगतान करना पड़ेगा.
भारी वाहनों के लिए जारी हुए टोल रेट्स
हल्के कमर्शियल वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए ₹445 और रिटर्न यात्रा के लिए ₹670 टोल टैक्स देना होगा.
बस और सामान्य ट्रकों के लिए सिंगल ट्रिप का टोल ₹935 तय किया गया है, जबकि 24 घंटे के अंदर वापसी पर ₹1405 चुकाने होंगे.
बेहद भारी कमर्शियल वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए ₹1020 और रिटर्न ट्रिप के लिए ₹1530 टोल टैक्स देना पड़ेगा.
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से माल ढुलाई पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी, जिससे ट्रांसपोर्ट कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा.
नए हाईस्पीड रूट से समय पर डिलीवरी संभव होगी और पुराने हाईवे पर भारी ट्रकों का दबाव भी काफी कम होने की उम्मीद है.
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3 घंटे का थकाऊ सफर अब सिर्फ 30 मिनट में होगा पूरा
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रूट पर बनाए गए हैं कुल 4 टोल प्लाजा
दूरी के लिहाज से भले ही यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा एक्सप्रेसवे हो, लेकिन निर्माण लागत और सुविधाओं के मामले में यह राज्य का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे बन चुका है. इस पूरे रूट पर यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए कुल चार अत्याधुनिक टोल प्लाजा स्थापित किए गए हैं, जो शिवपुर (हरौना-जुनाबगंज), बनी, अमरसास और आजाद चौराहा (गंगा पुल) के पास स्थित हैं. अगर आप निजी वाहन से एक तरफ का सफर करते हैं तो आपको ₹275 का टोल टैक्स देना होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापस लौटने पर राउंड ट्रिप के लिए कुल ₹415 का भुगतान करना पड़ेगा.
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हल्के कमर्शियल वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए ₹445 और रिटर्न यात्रा के लिए ₹670 टोल टैक्स देना होगा.
बस और सामान्य ट्रकों के लिए सिंगल ट्रिप का टोल ₹935 तय किया गया है, जबकि 24 घंटे के अंदर वापसी पर ₹1405 चुकाने होंगे.
बेहद भारी कमर्शियल वाहनों को एक तरफ के सफर के लिए ₹1020 और रिटर्न ट्रिप के लिए ₹1530 टोल टैक्स देना पड़ेगा.
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से माल ढुलाई पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी, जिससे ट्रांसपोर्ट कंपनियों को बड़ा फायदा मिलेगा.
नए हाईस्पीड रूट से समय पर डिलीवरी संभव होगी और पुराने हाईवे पर भारी ट्रकों का दबाव भी काफी कम होने की उम्मीद है.